अमेठी सिटी। जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था शनिवार को भी पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट सकी। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों को परेशानी हुई। कहीं 36 घंटे, कहीं 16 घंटे तो कहीं 13 घंटे तक बिजली गुल रही। इससे पेयजल संकट के साथ धान रोपाई, छोटे कारोबार और घरेलू कामकाज भी प्रभावित रहे। कई इलाकों में लोगों को रातभर जागकर समय बिताना पड़ा।
सबसे अधिक परेशानी सेमरौता उपकेंद्र क्षेत्र में रही, जहां बृहस्पतिवार रात से करीब 36 घंटे तक आपूर्ति बाधित रही। इससे करीब 30 हजार उपभोक्ता प्रभावित रहे। ऊर्जा निगम की टीमें देर शाम तक फाॅल्ट तलाशने में जुटी रहीं। पीपरपुर उपकेंद्र के हीरापुर और नारायणपुर फीडर पर मुख्य लाइन पर पेड़ गिरने से 50 गांवों के 80 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को करीब 16 घंटे बिजली नहीं मिली।
बाजारशुकुल उपकेंद्र में 33 केवी लाइन का केबल बॉक्स जलने से 13 घंटे आपूर्ति बाधित रही। जामों उपकेंद्र की बिजली भी रात से सुबह तक बंद रही और बहाली के बाद दिनभर ट्रिपिंग होती रही। अधीक्षण अभियंता अरुण कुमार सिंह ने बताया कि बारिश और तेज हवा से कई स्थानों पर तकनीकी खराबियां आई हैं। सभी टीमों को फाॅल्ट दूर करने और आपूर्ति सामान्य करने में लगाया गया है।
कई फीडरों पर दिनभर हुई ट्रिपिंग
अमेठी और पीठीपुर उपकेंद्रों के टाउन-1, टाउन-2, रामगढ़, कोहरा, महाराजपुर और गंगौली फीडरों पर दिनभर ट्रिपिंग और तकनीकी खराबी से आपूर्ति प्रभावित रही। बीआरओ रोड, सगरा तिराहा, महाराजपुर, गंगौली और रामगढ़ क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को बार-बार बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। जिला मुख्यालय के राजगढ़, विकास भवन, जीजीआईसी और तहसील फीडर की बिजली शुक्रवार शाम से रातभर बाधित रही। करपिया, शुकुलपुर, मुसाफिरखाना, मऊ, पनियार, जगदीशपुर और जायस उपकेंद्रों से जुड़े क्षेत्रों में भी चार से छह घंटे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रही।