अमेठी सिटी। जिले में अघोषित बिजली कटौती और बार-बार आपूर्ति बाधित होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जिला मुख्यालय समेत अधिकांश उपकेंद्रों से आठ से 10 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। बारिश के बीच बढ़ी उमस में लोगों को रात जागकर बितानी पड़ी, जिससे किसानों की धान की रोपाई, सिंचाई, पेयजल आपूर्ति, कारोबार और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई।
सोमवार रात 8:26 बजे जिला मुख्यालय की बिजली गुल हुई, जो 10:27 बजे बहाल हो सकी। इसके बाद भी बार-बार आपूर्ति बाधित होने और स्थानीय खराबी के कारण आपूर्ति सामान्य नहीं हो पाई। भोर में तीन बजे राजगढ़ फीडर की आपूर्ति मुख्य सड़क पर बिजली खंभा टूटने से ठप हुई, जो सुबह 7:40 बजे बहाल हुई।
शुकुलपुर उपकेंद्र की बिजली सोमवार रात 1:30 बजे से मंगलवार सुबह 6:17 बजे तक बाधित रही, क्योंकि 11 हजार केवीए लाइन का तार टूट गया था। जामो उपकेंद्र से भी रात 8:45 बजे से एक बजे तक और सुबह 3:15 बजे से 5:15 बजे तक बिजली बाधित रही। संग्रामपुर के 150 गांवों में छह घंटे और भादर के 40 गांवों में करीब आठ घंटे बिजली नहीं मिली।
उपभोक्ताओं ने दिन-रात की कटौती से निर्धारित आपूर्ति न मिलने की शिकायत की। अधिशासी अभियंता अभिषेक कुमार ने बताया कि नियंत्रण कक्ष से मुख्य आपूर्ति बाधित होने के कारण समस्या आई, स्थानीय स्तर पर कोई कटौती नहीं की गई।
जगदीशपुर में तीन फीडरों में खराबी से 30 हजार उपभोक्ता परेशान
जगदीशपुर। उपकेंद्र से संचालित पांच फीडरों में से तीन में मंगलवार को आपूर्ति ठप हो गई। इससे करीब 30 हजार उपभोक्ताओं को घंटों बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। सुबह करीब 6:30 बजे हारीमऊ, वारिसगंज और देवकली फीडरों में खराबी आने से आपूर्ति ठप हो गई। ऊर्जा निगम की टीम ने छह घंटे की मशक्कत के बाद हारीमऊ और वारिसगंज फीडरों की आपूर्ति दोपहर 12 बजे के बाद बहाल की। अवर अभियंता सुनील मौर्य ने बताया कि देवकली फीडर की खराबी जटिल थी, जिसकी आपूर्ति शाम करीब 5:30 बजे सामान्य हो सकी।