जायस। जायस कस्बे और आसपास के नौ गांवों में शनिवार रात करीब 12 घंटे बिजली आपूर्ति ठप रहने से लगभग दो लाख लोगों को भीषण उमस के बीच रात गुजारनी पड़ी। बिजली नहीं रहने से इनवर्टर जवाब दे गए, पेयजल संकट गहरा गया और बच्चों, बुजुर्गों व मरीजों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी। लंबे समय तक आपूर्ति बाधित रहने से लोगों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी रही।
शनिवार रात स्थानीय उपकेंद्र से जुड़े जायस कस्बे के अलावा खरौली, मवई आलमपुर, बेहटा भुलामऊ, बघेल, बादेराय, मुखेटिया, शाहमऊ और बहादुरपुर गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जो रविवार सुबह तक सामान्य नहीं हो सकी। बिजली न रहने से घरों में पानी की मोटरें नहीं चल सकीं, जिससे पेयजल और घरेलू कामकाज प्रभावित रहा। व्यापारियों ने भी बिजली संकट से कारोबार प्रभावित होने की बात कही। स्थानीय निवासी अशोक, रानू, नाजिम और सुरेश समेत अन्य लोगों ने बताया कि बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों बिजली बंद रहने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। उन्होंने बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की।
अन्य क्षेत्रों में भी घंटों बाधित रही आपूर्ति
जामों में शनिवार रात 9:35 बजे बिजली गुल हुई। रात 11 बजे आपूर्ति बहाल हुई, लेकिन एक घंटे बाद फिर बंद हो गई। इसके बाद रविवार सुबह 10:30 बजे आपूर्ति सामान्य हो सकी। गौरीगंज पावर हाउस से शनिवार रात 8:30 बजे आपूर्ति ठप हुई, जो करीब तीन घंटे बाद बहाल हुई, लेकिन पूरी रात ट्रिपिंग होती रही। करपिया उपकेंद्र की बिजली शनिवार रात 8:40 बजे बंद हुई और रविवार सुबह 11:20 बजे बहाल हो सकी। इसके बाद रविवार सुबह 5:30 से 7:40 बजे तक फिर आपूर्ति बाधित रही। शुकुलपुर उपकेंद्र से शनिवार शाम 7:50 बजे बिजली बंद हुई, जो रात 10:20 बजे बहाल हुई। मुसाफिरखाना, जगदीशपुर, भादर, बेनीपुर, तिलोई, सेमरौता और अमेठी क्षेत्र में भी 33 केवी लाइन में तकनीकी खराबी के कारण 10 से 12 घंटे तक बिजली संकट बना रहा।
तकनीकी खराबी बनी वजह
अधीक्षण अभियंता अरुण कुमार ने बताया कि स्थानीय स्तर पर कोई अघोषित कटौती नहीं की गई। 33 केवी लाइन और अन्य स्थानों पर तकनीकी खराबी के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई थी। फॉल्ट दूर होने के बाद सभी क्षेत्रों में आपूर्ति सामान्य करा दी गई।