गौरीगंज (अमेठी)। जिला प्रशासन निर्माण की गुणवत्ता कायम रखने के साथ समय पर कार्य पूरा कराने की कोशिश में जुटा है। इसी कवायद के तहत डीएम ने सेमरौता में निर्माणाधीन विद्युत उपकेंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान कार्य की गुणवत्ता व धीमी प्रगति से नाराज डीएम ने प्रयुक्त सामग्री व निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों की कोविड-19 जांच कराने का निर्देश दिया।
जिले में विद्युत आपूर्ति बेहतर बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने सितंबर 2019 में 33.93 करोड़ रुपये की लागत से तिलोई के सेमरौता गांव में 132 केवी विद्युत उपकेंद्र निर्माण को स्वीकृति प्रदान की थी। इसके बाद कार्यदाई संस्था ने निर्माण कार्य शुरू किया था। लॉकडाउन अवधि में बंद निर्माण कार्य को गति देने के साथ कार्य को समय से पूरा कराने की कोशिश में जुटे डीएम अरुण कुमार ने बुधवार शाम उपकेंद्र निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण किया।
इस दौरान कंट्रोल रूम, स्टोर रूम तथा आवासीय परिसर भवन के निर्माण की प्रगति तथा गुणवत्ता संतोषजनक नहीं मिली। इससे नाराज डीएम ने कार्यदाई संस्था के जिम्मेदारों को फटकार लगाते हुए निर्माण कार्य में प्रयुक्त सभी सामग्री (ईंट, मोरंग, बालू, सीमेंट व सरिया) तथा श्रमिकों की कोविड-19 जांच कराने का निर्देश दिया। डीएम ने निर्धारित समयावधि में मानक के अनुसार निर्माण कार्य पूरा कर भवन हैंडओवर नहीं करने की दशा में कार्रवाई की चेतावनी दी है।