अमेठी सिटी। आंधी के 17 दिन बाद भी जिले के 100 पुरवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी है। भीषण गर्मी के बीच करीब 40 हजार लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। बिजली न होने से पेयजल संकट गहरा गया है, जबकि किसानों की सिंचाई प्रभावित हो रही है।
बीते 10 दिन से ऊर्जा निगम के अधिकारी बिजली बहाल होने का दावा कर रहे हैं लेकिन मैन पावर की कमी से टूटे पोल, बिजली लाइन और खराब हुए ट्रांसफार्मर को अब तक बदला नहीं गया है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों के आश्वासन पर अब भरोसा नहीं रह गया। तिलोई, जगदीशपुर और बाजारशुकुल क्षेत्र के कई गांवों में ग्रामीण खुद चंदा जुटाकर बिजली के खंभे लगवा रहे हैं।
बाजारशुकुल के विराहिम बाजगढ़ गांव में ग्रामीणों ने सात खंभे लगवा दिए, लेकिन अब तक लाइन नहीं खिंची। नाराज ग्रामीणों ने प्रदर्शन की चेतावनी दी है। जगदीशपुर क्षेत्र के कई गांवों में शुक्रवार को खंभे लगाकर लाइन खींचने का काम चलता रहा। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली न होने से बच्चों की पढ़ाई और घरेलू कामकाज प्रभावित हैं। ऊर्जा निगम अधिकारियों का दावा है कि शनिवार शाम तक अधिकांश गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।