तिलोई में बिजली का खंभा लगाने के लिए की जा रही खोदाई। स्रोत: स्थानीय
अमेठी सिटी। तेज आंधी और बारिश के कारण पटरी से उतरी बिजली व्यवस्था 10 दिन बाद भी पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो सकी है। इसके चलते 60 से अधिक गांव क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल न हो पाने से लोगों की परेशानियां बढ़ी हैं। बिजली न आने से सुबह पेयजल संकट के साथ ही गर्मी व उमस के बीच रात बिना पंखे कूलर से बिताने की परेशानी उठाना पड़ रही है। संसाधनों के साथ ही खंभों की कमी के कारण मरम्मत कार्य में जुटी ऊर्जा निगम की टीमों का काम रफ्तार भी नहीं पकड़ पा रहा है।
तिलोई, जगदीशपुर और सिंहपुर क्षेत्र के कई गांव अब भी अंधेरे में हैं। टूटे खंभों की जगह नए खंभे लगाकर लाइन तैयार करने का काम जारी है। विभाग का दावा है कि अगले दो से तीन दिन में आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। अधीक्षण अभियंता अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मरम्मत कार्य अंतिम चरण में है और जल्द बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी। बाजारशुकुल इलाके में 50 से अधिक पुरवों की बिजली बहाली के लिए कर्मचारियों ने 60 बिजली खंभे लगाए हैं। इसके बाद तार खींचने और कनेक्शन जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है। बिजली न होने से ग्रामीणों को मोबाइल चार्ज करने और पानी भरने के लिए दूसरे गांवों का सहारा लेना पड़ रहा है।
अंधेरे में गुजर रही लोगों की रातें
तिलोई। सरदारगंज, थानापुर चकरा, एरी, पूरे वैशन और मुजेहनी समेत कई गांवों में शनिवार को भी बिजली बहाली का काम चलता रहा। खंभों की कमी के कारण काम धीमा पड़ गया है। रात होते ही गांवों में अंधेरा छा जाता है और लोग उमस भरी गर्मी में घरों के बाहर समय बिताने को मजबूर हैं। एक्सईएन राकेश रोशन ने बताया कि 20 से अधिक गांवों में बिजली नहीं पहुंच सकी है। तीन से चार दिन में आपूर्ति पूरी तरह बहाल कराने का प्रयास किया जा रहा है।
पेयजल संकट ने बढ़ाई परेशानी
जगदीशपुर। निशूरा, तेतारपुर बरसंडा, मऊ, अतवारा, मड़वा और कटेकटी समेत 20 गांवों में बिजली आपूर्ति अब तक बहाल नहीं हो सकी है। बिजली न होने से पानी की समस्या भी बढ़ गई है। ग्रामीणों को हैंडपंप और दूसरे साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। एसडीओ कोमल सिंह ने बताया कि लाइन दुरुस्त करने का काम जारी है।