पीपरपुर के खानापुर गांव में परिजनों को समझाते पुलिसकर्मी। स्रोत: स्थानीय
अमेठी सिटी। पीपरपुर के खानापुर गांव में दीपक मिश्र (30) की हत्या के बाद शनिवार को गम, गुस्सा और तनाव का माहौल बना रहा। पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही दीपक का शव गांव पहुंचा, परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। उन्होंने घर के सामने शव रख दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी व एनकाउंटर की मांग करते हुए अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया। हत्या के विरोध में गांव में पूरे दिन तनाव बना रहा।
परिजन हत्या में नामजद दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी और दीपक के दोस्त बालेंद्र शुक्ला को पुलिस हिरासत से छोड़ने की मांग पर अड़े रहे। मांग पूरी न होने तक अंतिम संस्कार न करने की बात कहते हुए परिजन पुलिस अधिकारियों से जवाब मांगते रहे। करीब आठ घंटे तक चले हंगामे और मान-मनौव्वल के बाद सीओ अमेठी मनोज कुमार मिश्र ने 36 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। साथ ही बालेंद्र शुक्ला को हिरासत से छोड़े जाने के बाद परिजन शांत हुए। आठ घंटे बाद देर शाम करीब साढ़े चार बजे छोटे भाई भरतलाल ने गांव के निजी श्मशान घाट पर दीपक को मुखाग्नि दी।
हत्या मामले में नामजद श्रीकांत मिश्र और सचिन की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की पांच टीमें दबिश दे रही हैं। मोबाइल बंद होने से पुलिस उनकी लोकेशन ट्रेस करने में जुटी है। हत्या में प्रयुक्त पिस्तौल के स्रोत की भी जांच की जा रही है। श्रीकांत पर नौ आपराधिक मामले दर्ज हैं। एसपी सरवणन टी ने बताया कि टीम आरोपियों की तलाश कर रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
पोस्टमार्टम में मिली नाइन एमएम की गोली
दीपक मिश्र का पोस्टमार्टम सुल्तानपुर में डॉ. राम अनुज वर्मा और डॉ. अमित कुमार मिश्र के पैनल ने वीडियो रिकॉर्डिंग के बीच किया। रिपोर्ट में सीने के दाहिने हिस्से में नाइन एमएम की गोली फंसी होने की पुष्टि हुई। चर्चा है कि गोली तलाशने के लिए दोबारा एक्सरे भी कराना पड़ा, जिसके चलते पोस्टमार्टम में देरी हुई। अमेठी, मुंशीगंज, संग्रामपुर, रामगंज और पीपरपुर समेत कई थानों की पुलिस गांव में डटी रही।
यह था मामला
पीपरपुर के खानापुर गांव में शुक्रवार को पिस्तौल दिखाने के बहाने बुलाकर दीपक मिश्र (30) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों ने भूमि विवाद में हत्या का आरोप लगाते हुए ग्राम प्रधान प्रतिनिधि श्रीकांत मिश्र और सचिन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।