अमेठी सिटी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का बिगुल बजने के बाद गतिविधियां तेज हो गई हैं। अब तक वर्ष 2021 में हुए पंचायत चुनाव में बने मतदान केंद्र व मतदेय स्थलों के आधार पर ही कार्य किया जा रहा है। शासन की ओर से कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक विद्यालयों का विलय किया जा रहा है। अब तक जिले में विलय किए गए 117 प्राथमिक विद्यालयों में से 50 फीसदी विद्यालय मतदान केंद्र हैं। ऐसे में स्कूलों के बंद होने के बाद पंचायत चुनाव में मतदान केंद्रों के बदलने की संभावना है।
जिले में कुल 682 ग्राम पंचायतें हैं। वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव के आधार पर 942 मतदान केंद्र के सापेक्ष 2430 मतदेय स्थल हैं। ज्यादातर प्राथमिक विद्यालय गांव में ही संचालित हैं। ऐसे में चुनाव में मतदाता चुनाव में मतदेय स्थल पर आसानी से पहुंच सकें, इसके लिए गांव के मध्य व पास संचालित प्राथमिक विद्यालय ही मतदान केंद्र बनाए जाते हैं। लोकसभा, विधानसभा और त्रिस्तरीय चुनाव में तकरीबन पूर्व निर्धारित ही मतदान केंद्र रहते हैं।
इस बार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मतदान केंद्र व मतदेय स्थल बदलने की संभावना है। इसकी वजह शासन की ओर से प्राथमिक विद्यालयों का विलय बन रहा है। जिले में अब तक कम छात्र संख्या वाले करीब 117 प्राथमिक विद्यालयों का विलय हो चुका है। जिसमें 50 फीसदी से अधिक विद्यालय मतदान केंद्र हैं। हालांकि अभी तक मतदान केंद्र व मतदेय स्थलों में परिवर्तन के संबंध में कोई निर्देश नहीं आया है।
अभी नहीं मिला कोई आदेश
एडीएम अर्पित गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव में बने मतदान केंद्र व मतदेय स्थलों के आधार पर ही कार्य किया जा रहा है। प्राथमिक विद्यालय का विलय हो रहा है। आदेश मिलने के बाद मतदान केंद्रों व मतदेय स्थलों में मतदाताओं की सुविधा को देखते हुए चिह्नित कर परिवर्तन किया जाएगा।