अमेठी सिटी। जुलाई माह में लगातार दूसरे दिन 12 लाख से ज्यादा लोगों को बिजली संकट झेलना पड़ा। तहसील व नगर निकायों को छोड़कर अन्य सभी जगहों पर बिजली कटौती की गई। करीब पांच घंटे तक लोगों की परेशानी बरकरार रही।
मंगलवार लगातार पांच घंटे तक बिजली कटौती की गई। मुख्य रूप से मोहनगंज, फुरसतगंज, सेमरौता आदि में लगातार पांच घंटे आपूर्ति बाधित रही। वहीं जायस, तिलोई आदि क्षेत्रों में ढाई घंटे की कटौती की गई है। तिलोई डिवीजन के अधिशासी अभियंता सत्येंद्र पांडेय ने बताया कि यह कटौती लखनऊ मुख्यालय से तय की गई थी, जिसमें करीब चार लाख की आबादी प्रभावित रही।
वहीं जगदीशपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में भी करीब पांच घंटे की बिजली कटौती मंगलवार को हुई। अधिशासी अभियंता हर्षित श्रीवास्तव ने बताया कि करीब 70 हजार कनेक्शन इससे प्रभावित रहे। इस तरह करीब साढ़े तीन लाख की आबादी बिजली कटौती जद में रही। गौरीगंज के ग्रामीण क्षेत्रों में भी करीब चार लाख की आबादी को बिजली कटौती का दंश झेलना पड़ा। वहीं अमेठी डिवीजन में भी बिजली कटौती का असर रहा। हालांकि प्रभारी अधीक्षण अभियंता रोहित सिंह का कहना है कि अमेठी क्षेत्र में बिजली कटौती का कोई आदेश उन्हें नहीं मिला है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था हुई प्रभावित
खरीफ की मुख्य फसल धान की नर्सरी खेतों में लगभग तैयार है। ऐसे में उसकी रोपाई का कार्य पूरे जिले में जोर-शोर से किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में ट्यूबवेल से खेतों में पानी भरा जा रहा है, जिससे धान की रोपाई का कार्य शीघ्रता से किया जा सके। कार्य के समय बिजली गुल रहने से लोगों को सिंचाई कार्य के लिए परेशान होना पड़ा। ऐसे में जिनके पास सुविधा है। किसान महंगे डीजल से खेतों की सिंचाई का कार्य कर पा रहे हैं। किसानों की मांग है कि दिन के समय बिजली कटौती न की जाए। जिससे खेतों की सिंचाई का कार्य प्रभावित हो रहा है।