अमेठी। शहर के ककवा रोड स्थित इंटर कॉलेज परिसर में संचालित नकली उर्वरक और कीटनाशक दवा फैक्टरी मामले में पुलिस अब तक मुख्य आरोपी को पकड़ नहीं सकी है। गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज मामले में अब तक पुलिस की कार्रवाई दबिश और पूछताछ तक सीमित है।
ककवा मार्ग पर कांग्रेस के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष डॉ. देवमणि तिवारी के आलोक प्रमोद इंटर कॉलेज परिसर में नकली उर्वरक और कीटनाशक फैक्टरी संचालन के आरोप में शिवम तिवारी और राम उजागिर पर कोतवाली अमेठी में जिला कृषि अधिकारी की तहरीर पर बुधवार को एफआईआर दर्ज हुई। इसके बाद पुलिस ने संभावित ठिकानों पर दबिश दी, कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी की गई, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी।
सूत्रों के अनुसार आरोपियों के मोबाइल फोन बंद होने से उनकी गतिविधियों का पता लगाने में पुलिस को परेशानी हो रही है। कार्रवाई की धीमी रफ्तार और गिरफ्तारी न होने से मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गंभीर प्रकरण होने के बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं दिख रही है।
दूसरी ओर कृषि विभाग ने फैक्टरी से लिए गए नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इंस्पेक्टर रवि कुमार सिंह ने बताया कि नकली कीटनाशक फैक्टरी से जुड़े पैकिंग, भंडारण और आपूर्ति से संबंधित कड़ियों की जांच चल रही है। संभावित स्थानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। जल्द गिरफ्तार कर मामले में कार्रवाई की जाएगी।