मुसाफिरखाना (अमेठी)। मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र में लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर तेज रफ्तार पिकअप सड़क पर खराब खड़े ट्रक में जा घुसी। हादसे में सीतापुर के दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पिकअप चालक व खलासी घायल हो गए। उनको सुल्तानपुर जिला अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया है।
सीतापुर जिले के हरगांव थाना क्षेत्र के मंगरुआ गांव निवासी असगर अली (44) व लहरपुर कोतवाली क्षेत्र के पूर्वी टोला निवासी शाहिद (38), पिकअप चालक आफताब (26) और खलासी राजी अहमद (26) रविवार सुबह सुल्तानपुर के सूरापुर से सीतापुर जा रहे थे। पिकअप लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर मुसाफिरखाना थाना क्षेत्र के कपूरचंदपुर गांव के पास खराब खड़े ट्रक में जा घुसी। हादसे में पिकअप सवार चारों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इन्हें सीएचसी मुसाफिरखाना पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने असगर अली व शाहिद को मृत घोषित कर दिया। वहीं, आफताब और राजी अहमद को सुल्तानपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
बताते हैं कि हादसे में जान गंवाने वाले दोनों लोग सुल्तानपुर में फेरी लगाकर कंबल व चादर बेचते थे। एसएचओ विवेक कुमार सिंह ने बताया कि मृतकों और घायलों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात बहाल करा दिया गया है। अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
दोनों को जाने से रोका, मगर नहीं माने
सुल्तानपुर के सूरापुर में असगर के साथ कंबल व चादर की फेरी लगाकर बिक्री करने वाले साथी मो. हुसैन, इरशाद, हमीद, नबी अहमद, तसव्वर, नईम, मैनुउद्दीन, हसीमुद्दीन जानकारी के बाद मुसाफिरखाना अस्पताल पहुंचे। मोहम्मद हुसैन ने बताया कि असगर एक सप्ताह पहले घर से आया था। बताया कि असगर और शाहिद के करीब चार बजे घर जाने की जानकारी होने पर रोका था। कहा कि अभी ठंड का सीजन है। कंबल की अच्छी बिक्री हो जाएगी। बाद में जाना, लेकिन दोनों नहीं माने। लेकिन होनी को कौन टाल सकता है। रोते हुए कहा कि यदि पता होता कि आगे मौत इंतजार कर रही है तो किसी कीमत पर नहीं जाने देता।
हो रहा था इंतजार, आई मौत की खबर
सड़क हादसे में असगर व शाहिद की मौत के बाद सूचना घर पहुंची तो कोहराम मच गया। सूचना के बाद अस्पताल आए असगर अली के भाई अब्दुल हमीद ने बताया कि फोन कॉल ने पूरे परिवार को जीवनभर न भूलने वाला गम दे दिया। बताया कि असगर ने पत्नी रेशमा को फोन कर बताया कि आ रहा हूं। सब लोग उनका इंतजार कर रहे थे, लेकिन सब कुछ बिखर गया। बताया कि असगर की पत्नी रेशमा संग पुत्र फरीद अहमद, मो. कासिम, नूरैन का रो-रोकर बुरा हाल है। सब मौके पर आना चाह रहे थे, लेकिन किसी तरह समझा कर आया हूं। अब शव लेकर जाऊंगा तो कैसे समझाऊंगा कि अब उनका सहारा छिन गया। मृतक शाहिद के चाचा उस्मान ने बताया कि पांच साल का मासूम आमिर पिता का इंतजार कर रहा है। पत्नी हुमा का भी रो-रोकर बुरा हाल है।