अमेठी सिटी। इमरजेंसी रोस्टिंग के चलते जिले में सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक आठ से 10 घंटे बिजली गुल रही। लंबे समय तक आपूर्ति बाधित रहने से गर्मी और उमस में लोग बेहाल रहे। पंखे-कूलर बंद होने के साथ पानी की मोटर नहीं चल सकी। कार्यालयों में ऑनलाइन काम प्रभावित हुआ तो दुकानदारों और छोटे कारोबारियों को भी परेशानी उठानी पड़ी। रात में बिजली कटौती से लोगों की नींद उड़ गई।
मुसाफिरखाना उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्रों में करीब साढ़े आठ घंटे बिजली बाधित रही। थौरी, बहोरखा, पनियार, करपिया, बरनाटीकर, मऊ और जामों में सात से 10 घंटे तक कटौती हुई। तिलोई खंड में सोमवार रात करीब आठ घंटे बिजली ठप रही। सेमरौता, जायस और तिलोई उपकेंद्र क्षेत्रों में भी कई बार आपूर्ति बाधित हुई।
जगदीशपुर खंड के इन्हौंना, वारिशगंज, दिक्खनवारा, शुकुल बाजार, सित्थन, महोना और जगदीशपुर उपकेंद्र क्षेत्रों में सात घंटे से अधिक बिजली नहीं रही। मंगलवार दिन में भी कई बार आपूर्ति बाधित हुई। जगदीशपुर के चिरंजीव पांडेय और नैमिष शुक्ल ने बताया कि बिजली न आने से पेयजल के लिए परेशानी हुई।
अतुल शुक्ल और हिमांशु शुक्ल ने कहा कि कटौती से छोटे कारोबार प्रभावित हुए। देवदत्त मिश्र और उत्तम तिवारी ने बताया कि रातभर बिजली के आने-जाने से नींद पूरी नहीं हो सकी। अधीक्षण अभियंता अरुण कुमार सिंह ने बताया कि कंट्रोल से होने वाली इमरजेंसी रोस्टिंग के अलावा स्थानीय स्तर पर कटौती नहीं की जा रही है।
अघोषित कटौती पर जताई नाराजगी
फुरसतगंज। उपकेंद्र के डिघिया, टेकारी, उदारी, फुरसतगंज और निगोहा फीडरों की आपूर्ति सोमवार शाम दो घंटे तीन बार बंद रही। मंगलवार सुबह चार से छह बजे तक भी कटौती हुई। अवर अभियंता राम अचल गुप्ता ने बताया कि कटौती कंट्रोल से की जा रही है। मोनू मिश्र, अनिल यादव, लल्लू, मुन्ना जायसवाल और दिलीप गुप्ता ने अघोषित कटौती पर नाराजगी जताई।