जगदीशपुर के मलावां में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद लोग। स्रोत: आयोजक
जगदीशपुर। मलांवा गांव में मुहर्रम के बारह रोजा शहीदे आजम कॉन्फ्रेंस का आयोजन हुआ। सोमवार रात इसके छठे दिन मजलिस और तकरीर का कार्यक्रम रखा गया। मुफ्ती मुनाफ अशरफी ने कार्यक्रम को संबोधित किया।
उन्होंने 72 जाननिसारे हुसैन अलैहिस्सलाम के बलिदान पर प्रकाश डाला। मुफ्ती अशरफी ने बताया कि इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों ने कर्बला में कुर्बानी दी थी। यह कुर्बानी सत्य, न्याय और इन्सानियत की रक्षा के लिए थी। उन्होंने कहा कि यह पूरी मानवता के लिए एक महान आदर्श है। कर्बला का पैगाम अन्याय के खिलाफ डटकर खड़े रहने की शिक्षा देता है।
मुफ्ती मुनाफ अशरफी ने लोगों से इमाम हुसैन की शिक्षाओं को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने मानवता, भाईचारे और न्याय के रास्ते पर चलने को कहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।