अमेठी सिटी। आंधी-तूफान के सात दिन बाद भी जिले की बिजली व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट सकी है। जगदीशपुर, तिलोई, बाजारशुकुल, सिंहपुर और गौरीगंज क्षेत्र के करीब 200 गांव अब भी अंधेरे में डूबे हैं। मरम्मत कार्य जारी है, लेकिन हालात सामान्य होने में समय लग रहा है। बिजली संकट ने करीब दो लाख ग्रामीणों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
बिजली गुल होने का सबसे बड़ा असर पेयजल आपूर्ति पर पड़ा है। घरों में लगी मोटर बंद हैं, जिससे लोगों को हैंडपंप और अन्य साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इन्वर्टर जवाब दे चुके हैं, जिससे रात में अंधेरा और दिन में भीषण गर्मी से राहत नहीं मिल रही। मोबाइल चार्ज न होने से संपर्क व्यवस्था भी प्रभावित हो गई है। कई ग्रामीणों को मोबाइल चार्ज करने के लिए दूसरे गांव या बाजार जाना पड़ रहा है।
बिजली संकट का असर व्यापार और रोजगार पर भी साफ दिख रहा है। फ्रीजर बंद होने से मिठाई व अन्य खाद्य सामग्री खराब हो रही है। दुकानदार गर्मी और अंधेरे के कारण समय से पहले दुकानें बंद करने को मजबूर हैं। छोटे कारखाने और मिलें भी ठप पड़ी हैं। बाजारशुकुल के कारखाना संचालक राकेश कुमार के अनुसार गेहूं पिसाई और सरसों पेराई का काम पूरी तरह प्रभावित है।
150 गांवों में अंधेरा, एक लाख से ज्यादा लोग बेहाल
बाजारशुकुल। सत्थिन उपकेंद्र से जुड़े करीब 150 गांवों में आपूर्ति अब तक बहाल नहीं हो सकी है। एक लाख से अधिक लोग भीषण गर्मी में बिजली-पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। आंधी में हाईटेंशन लाइन के 87 और एलटी लाइन के 110 खंभे क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे आपूर्ति ठप है। ग्रामीणों के अनुसार रात का अंधेरा और पानी की किल्लत सबसे बड़ी परेशानी बनी हुई है।
50 गांवों में पानी का संकट, बढ़ीं मुश्किलें
जगदीशपुर। उपकेंद्र से जुड़े गोड़वा, मड़वा, रुदापुर, कासिमपुर, मंगौली समेत करीब 50 गांवों में अब भी बिजली नहीं पहुंच सकी है। लोग पानी के लिए हैंडपंप पर निर्भर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी में बिना बिजली के रहना बेहद मुश्किल हो गया है।
10 घंटे आपूर्ति ठप, 1.25 लाख लोग प्रभावित
फुरसतगंज। हाईटेंशन लाइन में तकनीकी खराबी के चलते करीब 10 घंटे तक आपूर्ति बाधित रही। इससे डिघिया, टेकारी व आसपास के क्षेत्रों के करीब 1.25 लाख लोग प्रभावित हुए। शाम को आपूर्ति बहाल हुई, लेकिन दिनभर लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
जल्द सामान्य होगी आपूर्ति
अधीक्षण अभियंता अरुण कुमार सिंह ने बताया कि आपूर्ति बहाल करने के लिए कई टीमें लगाई गई हैं। नौ से अधिक हाइड्रा मशीनों की मदद से खंभे लगाए जा रहे हैं। 59 ट्रांसफार्मर मरम्मत के लिए भेजे गए हैं, जिनमें खराब ट्रांसफार्मर बदले जा रहे हैं। अगले दो दिनों में आपूर्ति सामान्य करने का प्रयास है।
फोटो-23-लाइट जलाकर आवागमन करते बाइक सवार।संवाद- फोटो : गंध कुटी में प्रार्थना करते बौद्ध अनुयायी।
फोटो-23-लाइट जलाकर आवागमन करते बाइक सवार।संवाद- फोटो : गंध कुटी में प्रार्थना करते बौद्ध अनुयायी।