अमेठी तहसील में प्रदर्शन करते किसान मजदूर सेवा संस्थान के लोग।-संवाद
अमेठी। सपा नेता पर बंजर, तालाब और अन्य सुरक्षित भूमि पर अवैध कब्जे के आरोप के विरोध में मंगलवार को किसान मजदूर सेवा संस्थान, किसान सेवा संगठन के पदाधिकारी और ग्रामीण तहसील पहुंचे और प्रदर्शन किया। उन्होंने अधिकारियों से मामले की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग उठाई।
ग्रामीणों ने कहा कि गंगौली चौराहे की जमीन का गाटा संख्या बदलकर तीन नए गाटे दर्ज किए गए हैं। गांव के एक व्यक्ति की पत्नी के नाम दर्ज गाटा का रकबा भी बढ़ा दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब को भरकर निर्माण कराया गया है, जबकि बंजर भूमि पर चार मकानों की नींव डाल दी गई है। मटेरा गांव में तालाब, बागवानी क्षेत्र और अंत्येष्टि स्थल की करीब दो बीघा जमीन पर कब्जे की बात भी सामने आई।
ग्रामीणों ने बताया कि सार्वजनिक मार्ग को तोड़कर बंद कर दिया गया है, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। किसान मजदूर सेवा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार पांडेय ने कहा कि गांव की सुरक्षित जमीनों और तालाबों पर कब्जे की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि पिछले महीने 18 दिनों तक शांतिपूर्ण धरना किया था। उस समय आश्वासन मिला था कि कब्जे हटेंगे, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनके अनुसार पांच तालाबों पर कब्जा किया गया है।
राजकुमार पांडेय ने कहा कि जून में तालाब की भूमि खाली करने का आदेश जारी हो चुका है। उसके बाद भी कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में रोष बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि 10 दिसंबर तक सख्त कदम न उठे तो बड़ी संख्या में लोग जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज करेंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि सुरक्षित भूमि को बचाया जाए और दोषियों पर उचित कार्रवाई की जाए।