गौरीगंज (अमेठी)। कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लोग नियमों का पालन करने को तैयार नहीं हो रहे है। सड़कों पर नियम तोड़ बिना मतलब बाइक व कार से घूम रहे हैं तो जगह-जगह एक साथ बैठकर समय बिताने में जुटे हैं। शासन-प्रशासन के वाहन देख इधर-उधर भाग भले रहे हों लेकिन प्रशासन के निर्देशों का पालन नहीं करके अपने साथ परिवार व इष्ट मित्रों को भी वायरस संक्रमण के खतरे में डाल रहे हैं।
लॉकडाउन घोषित होने के बाद भी आम लोग कोरोना वायरस संक्रमण के बचने के लिए घर की सीमा में रहने को तैयार नहीं हो रहे हैं। आलम यह है कि सुबह-शाम बिना काम एक बाइक पर दो से तीन तो कार पर पांच से सात लोग सवार होकर सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। इतना ही नहीं जगह-जगह एकत्र होकर झुंड में बैठकर बातचीत करने में जुटे हैं।
लोगों को जागरूक करने के लिए भले जिला प्रशासन लगातार प्रचार-प्रसार कर रहा है लेकिन लोग समझने व मानने को तैयार नहीं हैं। इस दौरान पुलिस व प्रशासन के वाहन को देखकर लोग इधर-उधर होकर उन्हें गुमराह करने की कोशिश कर अपने साथ परिवार व मिलने वालों को कोरोना वायरस के संक्रमण से प्रभावित होने की संभावना को ही मजबूत कर रहे हैं।
चिकित्सकों की मानें तो इस दौरान खुद के साथ परिवार व अन्य लोगों को कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए घरों में ही रहना चाहिए। चिकित्सक डॉ. आरके सक्सेना ने बताया कि गैर जिले व प्रांत से यहां आने वाले लोगों को भी चाहिए की वे कम से कम 14 दिन खुद एक कमरे में रहें और परिवार या अन्य लोगों के संपर्क में नहीं आएं। आम लोगों की जागरूकता व खुद को घर की सीमा के भीतर रखने से ही कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाया जा सकता है।