जगदीशपुर (अमेठी)। क्षेत्र अंतर्गत गोमती नदी पर बने पीपे के पुल तीन महीने के लिए खोल दिए गए हैं। बरसात समाप्त होने के बाद सितंबर से अक्तूबर के बीच इसे दोबारा बांधा जाएगा। तब तक राहगीरों को गोमती नदी पार करने के लिए मोटर बोट की व्यवस्था की गई है।
राहगीरों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए पांच से दस किलोमीटर भटकने से राहत मिल गई है। पिछले वर्षों में पिछूती-मटियारी कलां मार्ग पर रंगवा घाट, पनही ग्राम पंचायत के मांझगांव स्थित कामाख्या मंदिर, नादी और कोछित स्थित दंडेश्वर नाथ धाम के पास पीपा का पुल बनवाया गया था। गोमती नदी के रास्ते अमेठी, अयोध्या, बाराबंकी और सुल्तानपुर आने-जाने वालों को सहूलियत मिलती थी। बारिश के दिनों में तीन महीने के लिए ये पुल खोल दिए जाते हैं।
नियम के अनुसार, पिछले 20 जून को खोल दिया गया था। चारों पीपे के पुलों को खोलने, मोटर बोट के संचालन तथा बारिश के बाद पीपे के पुलों के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग ने 96 लाख रुपये की निविदा आमंत्रित की थी। निविदा की विधिक प्रक्रिया विलंब से पूरी होने पर लोगों को इस सुविधा का लाभ एक महीने बाद मिलना शुरू हुआ है।
पहली बार राहगीरों को मिली यह सुविधा
बारिश के दिनों में तीन माह के लिए पीपे के पुल खोले जाने के दौरान राहगीरों को घूम कर पुराने रास्ते से आना-जाना पड़ता है। इस बार पैदल और दो पहिया यात्रियों को मोटर बोट से गोमती नदी पार कराया जा रहा है। मोटर बोट सेवा शुरू होने से राहगीरों को सहूलियत मिल गई है।
तीन महीने बाद फिर चालू होगा पुल
लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता अनिल वर्मा ने बताया कि पांच से 15 जून के भीतर तीन माह के लिए बारिश के दिनों में पुल के खोले जाने का नियम है। सितंबर के बाद इसे फिर से चालू कर दिया जाएगा। तब तक के लिए राहगीरों को मोटर बोट से गोमती नदी पार कराया जा रहा है।