अमेठी। मौसम में बदलाव के कारण लोग कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं। सुबह और शाम हो रहे तापमान के उतार-चढ़ाव से युवा, बुजुर्ग और बच्चों में जुकाम, गले में खराश और बुखार जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। दिन में तेज धूप और शाम को हो रही ठंड के कारण मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सीएचसी अमेठी में शनिवार को मरीजों की कतारें लगी रहीं। खासकर जुकाम, गले में खराश और खांसी से परेशान लोग डॉक्टरों के पास आ रहे हैं।
सीएचसी की ओपीडी में लगभग 400 मरीज पहुंचे, जिनमें अधिकांश मरीज खांसी, जुकाम और गले में खराश से परेशान थे। डॉ. सौरभ सिंह ने बताया कि इस समय गले में खराश और जुकाम के मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। उनका कहना है कि बदलते मौसम में खानपान का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है। वे सलाह देते हैं कि ठंडे पानी, कोल्ड ड्रिंक, ठंडे जूस, लस्सी आदि का सेवन करने से बचना चाहिए। ताजा भोजन करें और वायरल संक्रमण से बचने के लिए उबला हुआ पानी पीने की सलाह दी जाती है।
इसके अलावा शरीर में पानी की कमी न होने देने के लिए भी डॉक्टरों ने ध्यान देने की बात की। सीएचसी के अधीक्षक डॉ. आलोक तिवारी ने बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना है कि बदलते मौसम में नवजात बच्चों को खास ख्याल रखने की जरूरत है। बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर रखें और कमरे में पंखा या एसी का प्रयोग न करें। समय पर इलाज कराने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि यदि सर्दी या बुखार का इलाज समय पर न किया जाए तो यह निमोनिया जैसे गंभीर रोग में बदल सकता है, जिससे बच्चे की स्थिति गंभीर हो सकती है। डॉक्टरों ने सभी को सलाह दी है कि मौसम में बदलाव के दौरान सतर्क रहें और बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत इलाज कराएं। इस प्रकार की सावधानियां बरतने से हम खुद को और अपने परिवार को स्वस्थ रख सकते हैं।