अमेठी। मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल 18 दिनों की लंबी लड़ाई के बाद न्यायालय के आदेश पर बृहस्पतिवार को खुला। लेकिन, उच्च न्यायालय का आदेश साइड पर अपलोड न होने से ओपीडी का संचालन नहीं हुआ। इधर, अस्पताल खुलने की आस में आए मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
कोतवाली क्षेत्र मुसाफिरखाना के गांव राम शाहपुर निवासी दिव्या शुक्ला की मौत के मामले में शासन एवं प्रशासन की ओर से मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल का लाइसेंस निलंबित करते हुए सभी सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। 18 सितंबर से अस्पताल बंद चल रहा था। बुधवार को उच्च न्यायालय ने अस्पताल के पक्ष में निर्णय दिया।
बृहस्पतिवार को अस्पताल खुला लेकिन, उच्च न्यायालय का आदेश पोर्टल पर अपलोड नहीं होने के चलते अस्पताल प्रबंधन ने इमरजेंसी, ओपीडी आदि सेवाएं संचालित नहीं की। हाई कोर्ट का आदेश एवं अस्पताल खुलने की जानकारी मिलने के बाद बृहस्पतिवार की सुबह से मरीज आना शुरू हो गए थे। जनपद व आसपास क्षेत्र से करीब 50 से 60 मरीज इलाज करने के लिए ओपीडी के समय पहुंचे थे। ऐसे में मरीजों को वापस होना पड़ा।
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह का कहना है कि अधिकारिक तौर पर उच्च न्यायालय का आदेश उन्हें नहीं मिला है। आदेश मिलने के बाद उसका अनुपालन कराया जाएगा।
मरीज बोले, हमें तो लगा था कि आज डॉक्टर देखेंगे लेकिन...
- प्रतापगढ़ के कटेहटी गांव निवासी राधेश्याम मौर्य अपना इलाज संजय गांधी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। बृहस्पतिवार को उनकी तबीयत ज्यादा खराब थी, परिवारी जन उन्हें अस्पताल ले गए। ओपीडी खुलने का इंतजार करते रहे लेकिन मायूस होकर लौटना पड़ा।
जामो निवासी मीरा का अगस्त माह में पैर फैक्चर हो गया था, जिनका इलाज चल रहा है। दो अक्तूबर को दिखाने की डेट मिली थी लेकिन, अस्पताल बंद चल रहा था। बृहस्पतिवार को जानकारी मिलने के बाद वह अस्पताल पहुंची लेकिन उन्हें लौटना पड़ा।
अमेठी निवासी सुधांशु सिंह जानकारी मिलने के बाद अस्पताल गए लेकिन, निराश होकर लौटना पड़ा। अमेठी शहर निवासी महीप अग्रवाल सुबह गिर गए थे पैर में चोट आ गई थी। सुबह अस्पताल दिखने पहुंचे कई घंटे के इंतजार के बाद वापस लौटना पड़ा।
गौरीगंज के सराय हृदय शाह टीवी टाॅवर निवासी बतून और नसीराबाद निवासी इसराइल ने बताया कि उनका इलाज चल रहा था। बंद होने से बड़ी परेशानी खड़ी हो गई थी। आज अस्पताल खुला लेकिन उपचार नहीं होने से यहां आना निरर्थक हो गया। अब पता करके फिर आएंगे।
रामनगर निवासी करण अपना इलाज डॉक्टर सिद्धार्थ से कर रहे हैं तो वहीं अमेठी निवासी जितेंद्र कुमार हर्निया का ऑपरेशन कराए थे। आज अस्पताल खुलने की जानकारी हुई तो यहां आए लेकिन अस्पताल में ओपीडी व सुविधा नहीं शुरू होने से मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।