अमेठी। लखनऊ-प्रतापगढ़-वाराणसी रेल ट्रैक पर संचालित दो जोड़ा इंटरसिटी एक्सप्रेस का संचालन लॉकडाउन में बंद होने के बाद आज तक बहाल नहीं हो सका। दोनों ट्रेन से प्रतिदिन करीब 500 यात्री एमएसटी व साधारण टिकट पर कानपुर, लखनऊ, प्रतापगढ़ व वाराणसी की यात्रा करते थे।
दैनिक यात्रियों की पंसीदा ट्रेन का संचालन लॉकडाउन के बाद बंद होने से जहां यात्रियों को निजी वाहनों का साहरा लेना पड़ रहा है वहीं विभाग को प्रतिदिन करीब पचास हजार रुपये का नकुसान हो रहा है।
गौरीगंज व अमेठी में विभिन्न कार्यालयों में नौकरी करने वालों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को इन दिनों यात्रा करने में परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रतापगढ़-कानपुर अप/डाउन इंटरसिटी तथा वाराणसी-लखनऊ अप/डाउन इंटरसिटी लखनऊ-प्रतापगढ़-वाराणसी रेल ट्रैक पर संचालित सबसे लोक प्रिय ट्रेन को विभाग ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए 22 मार्च से बंद कर दिया है।
ट्रेन बंद होने से जिले के लोगों को नौकरी व अन्य कार्यों से लखनऊ, कानपुर व वाराणसी जाने में परेशानी हो रही है तो लखनऊ व रायबरेली से गौरीगंज व अमेठी में नौकरी करने वाले करीब 500 यात्रियों को निजी साधन का सहारा लेना पड़ रहा है। ऐसे में जहां यात्रियों को परेशानी के साथ यात्रा में अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं वहीं विभाग को भी प्रतिदिन करीब 50 हजार रुपये की आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है।
दैनिक यात्रियों के साथ स्थानीय लोगों ने रेल विभाग से कानपुर-प्रतापगढ़ व लखनऊ-वाराणसी इंटरसिटी एक्सप्रेस का बंद संचालन बहाल करने की मांग की है। स्टेशन अधीक्षक राजेश कुमार ने कानपुर-प्रतापगढ़ इंटरसिटी से प्रतिदिन करीब 300 यात्रियों के यात्रा करने तो वाराणसी-लखनऊ इंटरसिटी से बड़ी संख्या में यात्रियों के उतरने के साथ करीब 200 यात्रियां के यात्रा करने की पुष्टि करते हुए बताया कि यात्रियों की मांग व असुविधा की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। विभाग का निर्देश मिलने के बाद अप/डाउन इंटरसिटी एक्सप्रेस का संचालन शुरू होगा।