मेठी तहसील स्थित रजिस्ट्रार कानूनगो कक्ष में बैठकर कंप्यूटर पर काम करता बाहरी व्यक्ति।
अमेठी। तहसील परिसर स्थित कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। बावजूद इसके, राजस्वकर्मी बनकर कार्यालय में बाहरी लोग सरकारी फाइलों को निपटा रहे हैं। अफसरों की आंखों के सामने सबकुछ हो रहा है, फिर भी जरूरी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। यही लोग राजस्व निरीक्षक व लेखपालों का कार्य संभालने संग फरियादियों से वसूली भी करते हैं, जिनकी शिकायतें आए दिन सामने आती रहती हैं।
करीब तीन साल पहले तहसील अमेठी से विजिलेंस टीम ने राजस्व निरीक्षक समेत दो कर्मचारियों को घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा था। इसके बाद राजस्व निरीक्षकों, लेखपालों ने और सतर्कता बरतनी शुरू कर दी। आलम यह है कि राजस्व निरीक्षकों व लेखपालों के कक्ष में बाहरी व्यक्ति बैठकर बाबू की तरह उनकी सरकारी फाइलों को निपटाने के साथ अन्य सरकारी कार्य भी देख रहे हैं। तहसील में बाहरी लोग ही अभिलेखों का रख-रखाव, नकल निकालने से लेकर नामांतरण, राजस्व वादों के निपटारे और प्रमाणपत्रों (आय, जाति, निवास) का भी कार्य कर रहे हैं।
कानूनगो के पास पांच से छह प्राइवेट कर्मी
कानूनगो कक्ष में पांच से छह बाहरी लोग काम कर रहे हैं। रजिस्ट्रार कानूनगो के अलावा अन्य दफ्तरों में भी बाहरी लोग अफसरों के संरक्षण में काम कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, विभाग के चालाक कर्मचारियों ने इन बाहरी लोगों को लगाया है, ताकि अभिलेखों में हेराफेरी कर किसानों व वादकारियों को परेशान कर उनसे धनउगाही की जा सके।
एसडीएम कक्ष में लगी है एलईडी
तहसील परिसर में 10 से 12 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इन कैमरों में रिकार्ड हो रही गतिविधियां एसडीएम के कक्ष में लगी एलईडी में देखी जाती हैं।
होगी कार्रवाई
एसडीएम आशीष सिंह ने बताया कि औचक निरीक्षण कर पड़ताल की जाएगी। इस दौरान अगर कोई बाहरी कार्यालय में मिला तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।