भाले सुल्तान शहीद स्मारक के दुवरिया गांव में रोते-बिलखते परिजन। -संवाद
भाले सुल्तान शहीद स्मारक। थौरी गांव के पास नौ जुलाई को संदिग्ध परिस्थितियों में गंभीर रूप से घायल मिले दुवरिया गांव निवासी अभिमन यादव (22) की बुधवार रात ट्रॉमा सेंटर लखनऊ में उपचार के दौरान मौत हो गई। बृहस्पतिवार को शव गांव पहुंचते ही परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा।
उन्होंने पिटाई कर हत्या का आरोप लगाते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी तक अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया। पुलिस अधिकारी परिजनों को समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन खबर लिखे जाने तक अंतिम संस्कार नहीं हो सका।
भाई शिवजीत यादव ने बताया कि अभिमन आठ जुलाई को चंडीगढ़ से गांव आया था। नौ जुलाई को उसका लौटने का टिकट था, लेकिन वह नहीं गया। उसी शाम वह घर से शादीपुर चौराहे की ओर निकला था। रात करीब 11 बजे सूचना मिली कि वह थौरी स्थित एक निजी विद्यालय के पास सड़क किनारे गंभीर हालत में पड़ा है। उसकी बाइक, मोबाइल और जेब में रखे करीब 30 हजार रुपये मौके पर ही मिले थे।
परिजनों का आरोप है कि कुछ लोगों ने उसकी पिटाई की थी। इस संबंध में पहले अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। उपचार के दौरान मौत होने के बाद परिजनों ने तहरीर में संशोधन कर हत्या की प्राथमिकी दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। गांव में तमाम लोग जुटे रहे और पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई का भरोसा देकर परिजनों को समझाने का प्रयास किया।
थाना प्रभारी अजयेंद्र पटेल ने बताया कि मामले की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है। मेडिकल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत के कारण स्पष्ट होंगे। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।