अमेठी सिटी। सरकारी योजना का लाभ दिलाने का झांसा देकर दलित मजदूर के नाम पर कथित रूप से पशु ऋण कराकर उसकी राशि हड़पने के मामले में एससी-एसटी एक्ट के विशेष न्यायाधीश सुल्तानपुर राकेश पांडेय की अदालत ने संज्ञान लिया है। अदालत ने बैंक ऑफ बड़ौदा की हारीमऊ शाखा के तत्कालीन प्रबंधक समेत तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच करने का आदेश जामों थाना प्रभारी को दिया है।
जामों के संभई गांव निवासी अमरेश कुमार ने अदालत में अर्जी देकर प्राथमिकी दर्ज कराने और निष्पक्ष जांच की मांग की थी। आरोप है कि जनवरी 2024 में वह कंचन मठिया गांव निवासी सगे भाइयों रोहित गिरी और मोहित गिरी के यहां मकान निर्माण में मजदूरी कर रहे थे। इस दौरान दोनों भाई उसे सरकारी योजना का लाभ दिलाने की बात कहकर आधार कार्ड और फोटो ले गए।
अमरेश का आरोप है कि दस्तावेज का इस्तेमाल कर जगदीशपुर थाना क्षेत्र के हारीमऊ स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा से उसके नाम पर गलत तरीके से पशु ऋण करा दिया गया। ऋण की राशि भी दोनों भाइयों ने कथित रूप से अपने पास रख ली। मामला तब सामने आया जब 12 मई को बैंक की हारीमऊ शाखा से अमरेश के पास 1,24,438.50 रुपये का वसूली नोटिस पहुंचा। अदालत ने पुलिस से रिपोर्ट तलब की। रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर अदालत ने प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच करने का आदेश दिया।