तिलोई स्थित राजा विश्वनाथ शरण सिंह इंटर कॉलेज के प्रांगण श्रीराम कथा सुनते श्रद्धालु। स्रोत: आ
तिलोई। आरबीएस इंटर कॉलेज तिलोई के प्रांगण में आयोजित श्रीराम कथा के दूसरे दिन कथावाचक आचार्य शांतनु महाराज ने भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि जब-जब असुरों के अत्याचार बढ़ते हैं, तब-तब प्रभु अवतार लेकर भक्तों को उनके संताप से मुक्त करते हैं। भगवान की सगुण लीलाओं को भक्ति और विश्वास के साथ सुनना चाहिए। इसमें तर्क का स्थान नहीं है।
प्रवाचक ने कहा कि भगवान की घोषणा है कि जो भक्त सब कुछ त्यागकर उनका भजन करते हैं, प्रभु उनकी उसी तरह रक्षा करते हैं जैसे मां अपने बच्चे की करती है। उन्होंने मनु और सतरूपा के प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि मनु ने जीवन के अंतिम समय में सब कुछ त्यागकर हरि भजन का मार्ग चुना। इससे सीख मिलती है कि व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए भगवान के भजन में मन लगाना चाहिए।
देवताओं की करुण पुकार सुनकर भगवान ने सभी को आश्वासन दिया कि वह नर रूप में धरती पर अवतरित होंगे। इसके बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम के जन्म का प्रसंग सुनाया। अंत में राज्यमंत्री राजा मयंकेश्वर शरण सिंह ने सपरिवार व्यास पीठ की आरती और पूजन कर कथा व्यास का स्वागत किया। इस मौके पर स्वतंत्र प्रभार मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, गोसाईगंज के विधायक अभय सिंह, धर्मेश मिश्रा, सुधीर सिंह,, मृगांकेश्वर शरण सिंह, उत्कर्ष शरण सिंह, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि कृष्ण कुमार सिंह उर्फ मुन्ना सिंह, अखंड प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।