जायस। लखनऊ-प्रतापगढ़ रेल ट्रैक पर शुक्रवार को ओदारी रेलवे क्रॉसिंग के पास लखनऊ-वाराणसी इंटरसिटी एक्सप्रेस की चपेट में आने से पूरे तेजी ओदारी गांव निवासी रेहान (20) की मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रेन करीब 30 मिनट तक मौके पर खड़ी रही। पुलिस ने शव को ट्रैक से हटवाया। सुरक्षा जांच के बाद ट्रेन को रवाना किया गया।
रेशमा बानो ने बताया कि बेटा रेहान जायस कस्बे में फर्नीचर की दुकान पर काम करता था। बृहस्पतिवार सुबह वह पैदल काम पर जा रहा था। घर से करीब डेढ़ किमी दूर रेलवे क्रॉसिंग से न जाकर दूसरे स्थान से ट्रैक पार करते समय इंटरसिटी एक्सप्रेस की चपेट में आ गया। हादसे के बाद चालक ने ट्रेन रोककर वॉकी-टॉकी से स्टेशन मास्टर को सूचना दी।
स्टेशन मास्टर की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव हटाए जाने के बाद ट्रेन रवाना हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रेहान के कान में लीड लगी थी और चालक लगातार हॉर्न बजा रहा था। हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सीओ दिनेश मिश्र ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला हादसा प्रतीत हो रहा है। परिजनों की ओर से कोई आरोप नहीं लगाया गया है। मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
रेहान की मौत की खबर घर पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। मां रेशमा बानो रोती-बिलखतीं रेल ट्रैक पर पहुंचीं। छोटा भाई जिशान और अन्य परिजन भी बिलखते रहे। पिता जलील सऊदी अरब में नौकरी करते हैं। उन्हें भी बेटे की मौत की जानकारी दी गई।
इस साल सामने आए रेल हादसे
31 मार्च : निहालगढ़ स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ते समय पैर फिसलने से शिवम की मौत।
17 अप्रैल : बाजारशुकुल रोड रेलवे क्रॉसिंग के पास ट्रेन की चपेट में आने से मां-बेटे और बेटी की मौत।
3 जून : अकबरगंज स्टेशन के पास ट्रेन की चपेट में आने से किसान अमरजीत साहू (62) की मौत।
2 जुलाई : जरबंधन का पुरवा में रेल ट्रैक पार करते समय इंटरसिटी एक्सप्रेस की चपेट में आने से राम आसरे जायसवाल (65) की मौत।
3 जुलाई : मोहिया केसरिया क्रॉसिंग फुरसतगंज में पंजाब मेल की चपेट में आने से संदीप (28) की मौत।
11 जुलाई : कस्थुनी पूरब मुसाफिरखाना में सद्भावना एक्सप्रेस की चपेट में आने से सीताराम (55) की मौत।
28 अगस्त : डेढ़पसार में भोपाल एक्सप्रेस की चपेट में आने से रामदेव वर्मा (55) की मौत।
ट्रैक पार करते समय बरतें सावधानी
सेवानिवृत्त स्टेशन अधीक्षक केपी शुक्ला ने बताया कि रेल ट्रैक पार करने के लिए निर्धारित क्रॉसिंग का ही इस्तेमाल करना चाहिए। दोनों ओर से ट्रेन आने की स्थिति देखकर ही आगे बढ़ना चाहिए। ईयरफोन या लीड लगाकर ट्रैक के आसपास चलने से बचना चाहिए। इससे ट्रेन का हॉर्न सुनाई नहीं देने की आशंका रहती है। अनधिकृत स्थान से ट्रैक पार करना जानलेवा हो सकता है।