अमेठी। माह के प्रथम बुधवार को सुबह दस बजे से आयोजित ब्लॉक दिवस में सुबह 11 बजे तक कोई भी अधिकारी व कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। सभागार में सिर्फ बैनर लगा रहा और फरियादी महिला इंतजार करती रही। मीडिया की टीम आने की जानकारी मिलने पर 11 बजे के बाद कुछ अधिकारी मौके पर पहुंचे। ब्लॉक दिवस का प्रचार-प्रसार न होने से सिर्फ कागजी कोरम भरकर रह गया है।
बुधवार को अमेठी में ब्लॉक दिवस का हाल अलग था। 11 बजे तक मौके पर कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था। करीब 11:15 बजे ब्लॉक सभागार में ब्लॉक दिवस का बैनर लगा था और लघु सिंचाई विभाग की श्यामा पाल और बीसी कमलेश बैठी दिखाई पड़ी। इसके अलावा अन्य अधिकारी व कर्मचारी अपने-अपने चैंबर में बैठे रहे।
जैसे ही अधिकारियों को टीम की मीडिया कर्मियों के आने की जानकारी मिली तो तत्काल एडीओ कोऑपरेटिव मूईज उल्ला, एडीओ आईएसबी मनी पहुंचे। इसके बाद सचिन चंदन, हेमंत पांडेय, मुकेश कुमार, विपिन तिवारी, चंद्रशेखर, अखिलेश तिवारी, राखी कश्यप, प्रभारी एडीओ पंचायत सचिव पवन कुमार यादव पहुंचे।
ऑफिस में बैठे खंड विकास अधिकारी विनय वर्मा 11:38 बजे ब्लाॅक दिवस में पहुंचे और उनके साथ आए पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ मुनिराज गेट तक आए और तत्काल किसी कार्य से क्षेत्र में निकल गए। ब्लॉक दिवस में रामनगर गांव निवासी वर्षा पहुंची थी जिसने एडीओ कोऑपरेटिव से मृत्यु प्रमाण पत्र के संबंध में जानकारी मांगी, मौके पर समस्या का समाधान किया गया।
हालांकि जब बीडीओ से बात करने का प्रयास किया गया तो घंटी जाने के बाद उन्होंने फोन बंद कर दिया। सीडीओ सान्या छाबड़ा ने कहा कि प्रकरण के बारे में वह जानकारी कर रही हैं।
नहीं पहुंचे एक भी फरियादी
स्थानीय ब्लॉक परिसर में आयोजित ब्लॉक दिवस पर अगर नजर डालें तो 18 अक्तूबर को 11 अधिकारी व कर्मचारी, एक को नवंबर सात, 16 नवंबर को चार तथा दिसंबर में भी चार अधिकारी व कर्मचारी पहुंचे लेकिन कोई भी फरियादी नहीं पहुंचा। वर्ष के पहले बुधवार को भी यही हालात रहे कि एक भी फरियादी नहीं पहुंचा।