गौरीगंज (अमेठी)। जिले में अफसरों की मनमानी का एक और मामला सामने आया है। ताजा मामला पंचायती राज विभाग से जुड़ा है। जांच में पता चला है कि कई ब्लॉकों में तैनात एडीओ पंचायत ने आहरण व व्यय से जुड़े नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाईं हैं। रोक के बावजूद 1.06 करोड़ से अधिक रुपये निकालकर अपने ऑफिस की साज सज्जा व अन्य कार्यों पर खर्च कर डाले।
मामले का खुलासा तब हुआ जब डीएम ने पूरे प्रकरण की जांच कराई। जांच अधिकारी ने कई ब्लॉकों में तैनात अफसरों को दोषी ठहराते हुए विशेष ऑडिट कराने की संस्तुति की है। मालूम रहे कि क्षेत्र पंचायत के ऐसे कार्यों को कराने के लिए शासन की ओर से चौदहवें वित्त आयोग के अंतर्गत तकनीकी एवं प्रशासनिक मद का खाता संचालित किया जाता है।
जिन कार्यों को कराने के लिए किसी भी योजना में धन की व्यवस्था नहीं है। इस खाते में प्रत्येक वर्ष शासन की ओर से धनराशि अंतरित की जाती है। इस खाते का संचालन बीडीओ व एडीओ पंचायत के संयुक्त हस्ताक्षर से किए जाने का प्रावधान है।
जिले में पिछले पांच-छह सालों में इस खाते से जुड़े नियमों व प्रावधानों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई हैं। कुछ दिन पूर्व हुई इस आशय की एक शिकायत की जांच में अफसरों की मनमानी की पुष्टि हुई है। जांच टीम ने यह पाया कि रोक के बावजूद कई अफसरों ने करीब 1.06 करोड़ रुपये से अधिक उड़ा डालेे। जांच अधिकारी की ओर से दाखिल रिपोर्ट में पूरे मामले की गहन जांच महालेखाकार प्रयागराज द्वारा कराने की संस्तुति की गई है।
शासनादेश के प्रावधानों के अनुसार इस मद में आवंटित राशि सम्मान समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सजावट, उद्घाटन, निर्वाचित प्रतिनिधियों का शासकीय भत्ता, संविदा पर नियुक्त कर्मचारियों के पुरस्कार, मनोरंजन, एसी व वाहन क्रय आदि पर खर्च नहीं की जा सकती। इस खाते का संचालन बीडीओ व एडीओ पंचायत के संयुक्त हस्ताक्षर से किए जाने का प्रावधान है।
अफसरों द्वारा शासकीय धन का प्रावधानों के विपरीत आहरण व दुरुपयोग की शिकायत पिछले दिनों अमेठी के पूरे प्रेम निवासी अवधेश मिश्र बेलौरा ने की थी। डीएम राकेश कुमार मिश्र ने बीएसए के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की। जांच टीम में बीएसए संगीता सिंह व राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी आशुतोष मिश्र शामिल थे।
जांच टीम ने जिन ब्लॉकों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पकड़ी है, उनमें सात ब्लॉक (तिलोई, जगदीशपुर, सिंहपुर, संग्रामपुर, गौरीगंज, शाहगढ़ व शुकुल बाजार) शामिल हैं। इन ब्लॉकों में से तीन में अकेले एडीओ पंचायत (तिलोई, जगदीशुपर व शाहगढ़) तो चार में (सिंहपुर, संग्रामपुर, गौरीगंज व शुकुल बाजार) संयुक्त हस्ताक्षर से धन का आहरण कर प्रतिबंधित कार्यों पर व्यय किया गया।