अमेठी सिटी। जिले के लोगों को अब खून के साथ ही प्लाज्मा, प्लेटलेट्स के लिए सुल्तानपुर, रायबरेली व लखनऊ की दौड़ नहीं लगानी होगी। संयुक्त जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट की स्थापना होने के बाद मरीजों को ये सुविधाएं यहीं मिल सकेंगी।
संयुक्त जिला अस्पताल में 12 जून को ब्लड बैंक का शुभारंभ हुआ था। मरीजों की समस्या को देखते हुए अब ब्लड बैंक में ही ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट शुरू कर दी गई है। अब मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर खून के साथ ही प्लाज्मा, प्लेटलेट्स भी यहीं मिल सकेगी।
जिला अस्पताल के पैथोलॉजिस्ट डॉ. विवेक चौधरी ने बताया कि सेपरेशन यूनिट में रक्त को घुमाया (मथा) जाता है। इससे रक्त परत दर परत (लेयर बाई लेयर) हो जाता है। चारों कंपोनेंट अलग-अलग हो जाते हैं जिन्हें सुरक्षित जार में अलग रखा जा सकता है।
ब्लड सेपरेशन यूनिट के एक यूनिट ब्लड से श्वेत रक्त कणिकाएं (डब्ल्यूबीसी), लाल रक्त कणिकाएं (आरबीसी), प्लेटलेट्स व प्लाज्मा सहित अन्य तत्वों को अलग-अलग किया जाता है। इससे ब्लड डोनर के एक यूनिट ब्लड को कंपोनेंट के रूप में चार अलग-अलग मरीजों को चढ़ाया जा सकता है।
थैलीसीमिया व डेंगू मरीजों को मिलेगा लाभ
ब्लड सेपरेशन कंपोनेंट यूनिट का डेंगू, थैलीसीमिया के मरीजों को सर्वाधिक लाभ मिलेगा। डेंगू के मरीजों को प्लेटलेट्स की आवश्यकता होती है। थैलीसीमिया के मरीजों व आग से जले, मलेरिया या चिकनगुनिया के बिगड़े केस में मरीजों को अलग-अलग ब्लड कंपोनेंट की आवश्यकता होती है। अब मरीजों को जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में ही ये सुविधाएं मिलेंगी।
ब्लड बैंक में सेपरेशन यूनिट के लिए मशीन लग गई है। 300 यूनिट की क्षमता वाले ब्लड बैंक में वर्तमान में 23 यूनिट रक्त है। इससे मरीजों को प्लेटलेट्स की सुविधा मिलेगी। लोगों को रक्तदान कर ब्लड बैंक में खून की उपलब्धता बनाए रखने में सहयोग करना चाहिए।
-डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल, सीएमएस, संयुक्त जिला अस्पताल