अमेठी सिटी। जिले के 242 माध्यमिक विद्यालयों में युवा संसद प्रतियोगिता कराई जाएगी। इसमें विद्यार्थी मंत्री, सांसद और विपक्ष की भूमिका निभाएंगे। विपक्ष के विद्यार्थी सवाल उठाएंगे। मंत्री बने विद्यार्थी जवाब देंगे। अध्यक्ष सदन की कार्यवाही संचालित करेंगे। इससे करीब 1.23 लाख विद्यार्थियों को संसदीय कार्यप्रणाली का अनुभव मिलेगा।
जिले में 37 राजकीय, 25 अशासकीय सहायता प्राप्त और 180 वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालय हैं। सभी विद्यालयों में प्रतियोगिता कराने की तैयारी शुरू हो गई है। संसदीय कार्य मंत्रालय के निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक को जिला स्तर पर नोडल अधिकारी बनाया गया है। विद्यालयों को राष्ट्रीय युवा संसद योजना के निर्धारित पोर्टल पर किशोर सभा के तहत पंजीकरण कराना होगा।
प्रधानाचार्य की स्वीकृति के बाद कक्षा छह से 12वीं तक के विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। प्रत्येक युवा संसद में 50 से 55 विद्यार्थी हिस्सा लेंगे। चयनित विद्यार्थियों को प्रश्न पूछने, जवाब देने, चर्चा करने और प्रस्ताव रखने का अभ्यास कराया जाएगा।
उन्हें सदन की कार्यवाही संचालित करने की प्रक्रिया भी समझाई जाएगी। प्रतियोगिता से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, तर्क-वितर्क और अभिव्यक्ति कौशल विकसित होगा। सार्वजनिक विषयों पर अपनी बात रखने का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
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मंत्री परिषद बनेगी, अध्यक्ष का होगा चुनाव
युवा संसद में पूरा मंत्रिपरिषद गठित किया जाएगा। सदन के अध्यक्ष का चुनाव भी होगा। सत्ता पक्ष विपक्ष के सवालों का जवाब देगा। विभिन्न विषयों पर चर्चा की जाएगी। विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन और लोकतांत्रिक समझ को बढ़ाने वाले विषय इसमें शामिल किए जाएंगे। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों को संसद की कार्यप्रणाली, लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था और संसदीय प्रक्रियाओं से परिचित कराना है। इससे विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, तर्क-वितर्क और अभिव्यक्ति कौशल विकसित होगा।
विद्यार्थियों को मिलेगा संसदीय प्रक्रिया का अनुभव
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. राजेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि सभी विद्यालयों में प्रतियोगिता कराने के निर्देश दिए जाएंगे। प्रधानाचार्य विद्यालय स्तर पर नोडल अधिकारी होंगे। शासनादेश के अनुसार प्रतियोगिता कराई जाएगी।