गौरीगंज (अमेठी)। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं का अब सरकारी अस्पतालों में दो के बजाए चार बार स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। प्रमुख सचिव का पत्र आने के बाद सीएमओ ने सभी अधीक्षकों को पत्र जारी कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं।
शासन की ओर से गर्भवती महिलाओं का निशुल्क उपचार करने के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान संचालित किया जाता है। इसके तहत अब तक सभी सीएचसी सेंटरों व जिला अस्पताल में प्रत्येक माह की नौ व 24 तारीख को निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता था। पिछले दिनों शासन के निर्देश पर प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने एक आदेश जारी किया था। अब प्रत्येक माह की नौ व 24 के अलावा एक व 16 तारीख को भी प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक का आयोजन करने की बात कही गई है।
इस दौरान गर्भवती महिलाओं के खून, बीपी व शूगर आदि की जांच की जाती है। इसके अलावा उनका परीक्षण कर होने वाली अन्य परेशानियों का भी निदान किया जाता है। जांच व परीक्षण के बाद सभी महिलाओं को निशुल्क दवाएं भी मुहैया कराईं जाती हैं। इस दिन अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराई जाती है। इसके बाद ग्राम स्तर पर एएनएम उनका परीक्षण करती रहती हैं।
सीएमओ डॉ. विमलेंदु शेखर ने सभी अधीक्षकों को प्रमुख सचिव के भेजे गए आदेश की प्रति के साथ पत्र भेजकर अब माह में चार बार स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। कहा है कि क्षेत्रीय आशा व एएनएम द्वारा इसका प्रचार प्रसार कराते हुए गर्भवती महिलाओं को इन दिवसों पर अस्पताल तक आने की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं।
नए आदेश के अनुसार होगा संचालन
शासन द्वारा मिले नए आदेश के तहत प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक का आयोजन पूरे जिले में कराया जाएगा। आशा व एएनएम द्वारा इसका प्रचार प्रसार कराया जा रहा है। अब महिलाएं गर्भ के दौरान कोई भी परेशानी होने पर महिला विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लेकर इलाज करा सकेंगी।
- विमलेंदु शेखर, सीएमओ