डिपो में वर्तमान समय में रोडवेज की 55 नियमित और तीन अनुबंधित बसें हैं। कई दूरदराज के गांव अब तक सीधी सेवा से वंचित रहे हैं। खासकर वे ग्रामीण जिनका स्कूल, अस्पताल, तहसील या बाजारों में आना-जाना होता है, उन्हें निजी साधनों पर अधिक किराया देना पड़ता है। डिपो इंचार्ज राकेश वर्मा ने बताया कि 23 मिनी बसों के संचालन से ऐसे इलाकों को पहली बार सीधे जोड़ने का प्रयास होगा, जहां नियमित बसें नहीं चलतीं। उन्होंने बताया कि बसें मिलते ही रूटवार सेवा शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए रूट निर्धारण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। प्राथमिकता उन स्थानों को दी जाएगी, जहां अब तक सेवा नहीं पहुंच सकी है या निजी वाहनों की मनमानी से यात्री परेशान हैं।
रोडवेज प्रशासन का यह भी प्रयास है कि इन मिनी बसों को ऐसे समय में चलाया जाए, जिससे छात्र, कर्मचारी और आम यात्री अपने गंतव्य तक समय पर पहुंच सकें। सीधी सेवा से न केवल समय बचेगा, बल्कि किराये का बोझ भी कम होगा।
सुबह छह से शाम छह तक चलेंगीं 20 से ज्यादा बसें
अमेठी डिपो से इस समय लखनऊ, प्रयागराज, आजमगढ़, मऊ, बरेली, झांसी, आगरा, चित्रकूट, गोरखपुर, कानपुर और शाहगंज जैसे शहरों के लिए बसें चलाई जा रही हैं। पहली बस सुबह छह बजे लखनऊ जाती है। इसके बाद पूरे दिन में अलग-अलग समय पर बस सेवाएं उपलब्ध हैं। इन रूटों की नियमितता से नगर और शहर के यात्री लाभान्वित हो रहे हैं, अब नई मिनी बसें ग्रामीण क्षेत्रों में भी यही सुविधा देंगी। इससे परिवहन व्यवस्था और मजबूत होगी।