अमेठी सिटी। ग्रामीण क्षेत्रों में छह घंटे की बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। अघोषित बिजली कटौती अलग से हो रही है। हालत यह है कि कुल मिलाकर तीन दिनों से नियमित रूप से पांच से छह घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। इससे ग्रामीणों में असंतोष है। इधर, विभागीय अधिकारी, इस कटौती की कोई वाजिब वजह भी नहीं बता पा रहे हैं।
सरकार ने जून माह में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति का दावा किया था। तब भी 24 घंटे बिजली आपूर्ति उपभोक्ताओं के लिए दूर की कौड़ी रही। तरह-तरह के फाॅल्ट, ओवरलोड के चलते होने वाली ट्रिपिंग से लोग बिजली के लिए परेशान रहे। जुलाई माह शुरू होते बिजली कटौती में अचानक इजाफा कर दिया गया है।
किसान सिंचाई को लेकर परेशान हैं। किसानों का कहना है कि धान की फसल के लिए सिंचाई की ज्यादा जरूरत होती है। बिजली कटौती तीन घंटे सुबह व तीन घंटे शाम को की जा रही है। नगर निकाय व तहसील मुख्यालयों में ढाई घंटे की घोषित कटौती है, जबकि जिला मुख्यालय पर 23:30 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा किया जा रहा है। ऊर्जा निगम के प्रभारी अधीक्षण अभियंता रोहित सिंह ने बताया कि मुख्यालय से नियमित रूप से कटौती का आदेश जारी हो रहा है। इसी के आधार पर बिजली कटौती की जा रही है।
पेड़ गिरने से टूटा बिजली का खंभा
अमेठी सिटी। पेड़ गिरने से बिजली का खंभा टूट गया। जिससे घाघूघार गांव में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। ऊर्जा निगम के अवर अभियंता पंकज सिंह ने बताया कि बारिश के चलते मिट्टी नम हो जा रही है। जिसके चलते सोमवार की रात को पेड़ गिरा तो उसकी चपेट में खंभा भी आ गया। बुधवार सुबह तक नया खंभा लगाकर आपूर्ति बहाल कर दी गई। उधर, अमेठी के शीतला बख्श का पुरवा में पेड़ गिर जाने से दो पोल टूट गए।
लो वोल्टेज व ट्रिपिंग भी बनी समस्या
ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में उपभोक्ता बिजली की ट्रिपिंग व लो वोल्टेज की समस्या से भी जूझ रहे हैं। फाॅल्ट सही करने के नाम पर भी कटौती की जा रही है। हालत यह है कि गौरीगंज मुख्यालय पर बुधवार सुबह छह बजे से 10 के बीच कई बार कटौती हुई। ऐेसे में लोगों को पानी की दिक्कत हुई। रात में कटौती से लोगों की नींद खराब हो रही है।