गौरीगंज (अमेठी)। शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के कुकहा गांव में मंगलवार सुबह सामने आई हृदय विदारक वारदात की छानबीन में आरोपी पति के खिलाफ पत्नी व दो मासूमों की हत्या से जुड़ा कोई तथ्य नहीं मिला है। पूछताछ में वह एक ही बात दोहरा रहा है कि साहब मैं अपने ही हाथों अपना परिवार क्यों बर्बाद करूंगा।
कुकहा गांव की स्तब्ध करती वारदात के बाद मंगलवार सुबह हिरासत में लिए गए धर्मराज ने पुलिस को बताया कि वह अपने हाथों भला अपना परिवार क्यों बर्बाद करेगा। पुलिस ने धर्मराज की ओर से बताए गए तथ्यों की पड़ताल की तो उसकी बातें सही निकलीं। सीओ तिलोई डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि धर्मराज के मोबाइल की सीडीआर खंगाली गई।
रात भर उसके मोबाइल की लोकेशन लखनऊ में ही पाई गई है। मौके पर गई पुलिस टीम को कई सीसीटीवी फुटेज में भी आरोपी के लखनऊ में ही मौजूद रहने की पुष्टि हुई है। पूछताछ में यह बात सामने आई है कि धर्मराज का अपनी पत्नी से लगातार झगड़ा होता रहता था। इसी को आधार बनाकर मंगलवार दोपहर उसका चालान न्यायालय भेजा गया है।
पुलिस की तरह कुकहा गांव के अधिकांश लोग भी यही मान रहे हैं कि शीतल ने ही पहले अपने बच्चों की हत्या की फिर फांसी लगाकर जान दे दी। मरते समय बच्चों का शव न दिखे इसी लिए उसने अपनी आंखों पर गमछा बांध लिया था। लोगों का कहना था कि शीतल के मन में अज्ञात वजह से उपजे आक्रोश ने पूरे परिवार को बर्बाद कर दिया। ग्रामीणों और पड़ोसियों के अनुसार शीतल को कभी किसी के यहां मजदूरी करने भी नहीं भेजता था। पड़ोसियों के मुताबिक सास और बहू के बीच विवाद जरूर होता रहता था।
एक ही चिता पर जले तीन शव
कुकहा गांव में मंगलवार के बाद बुधवार को भी बड़ी संख्या में लोग जुटे। बुधवार सुबह पुलिस शीतल देई व उसके दोनों मासूम बच्चों का शव लेकर गांव पहुंची। परिवार के लोग पहले से दाह संस्कार की तैयारी करके शवों का इंतजार कर रहे थे। सभी शव गांव पहुंचने के बाद पुलिस धर्मराज को लेकर गांव पहुंची। पुलिस व लोगों की मौजूदगी में धर्मराज ने एक ही साथ तीनों को मुखाग्नि दी। तीनों शवों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर रखकर किया गया।