अमेठी सिटी। प्रयागराज संगम में चल रहे महाकुंभ में वसंत पंचमी स्नान करने निकले श्रद्धालुओं की आस्था राह की तमाम परेशानियों पर भारी दिखी। ट्रैक पर संचालित इकलौती पैसेंजर ट्रेन निरस्त रही तो एक भी मेला स्पेशल ट्रेन संचालित नहीं हुई। परिवहन निगम की बसों की भी सेवा मुख्यालय से नहीं रही। बावजूद इसके श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। किसी तरह प्रतापगढ़ पहुंच प्रयागराज संगम जाने की जुगत में पूरे दिन लगे रहे।
वसंत पंचमी स्नान के लिए संगम नगरी जाने के लिए रविवार सुबह गौरीगंज रेलवे स्टेशन पर कोई नंगे पैर तो कोई सिर पर सामानों से भरा बैग लाद गंगा मां के जयकारों के बीच पहुंचा। स्टेशन पहुंचने पर पता चला कि लखनऊ-प्रयागराज पैसेंजर निरस्त है। ऐसे में संगम की यात्रा में ग्रहण दिखने लगा। लोग स्टेशन के बाहर आए तो परिवहन निगम की बस भी नहीं मिली। लौट कर दोबारा स्टेशन पहुंचे तो पता चला कि मेला स्पेशल ट्रेन भी नहीं आएगी।
प्रयागराज में वाहनों के प्रवेश पर रोक होने की जानकारी के बाद उनकी परेशानी बढ़ गई, लेकिन इसके बाद भी आस्था फीकी नहीं पड़ी। कहते हैं कि मन में चाह तो हर राह आसान होती है। श्रद्धालु लखनऊ-वाराणसी इंटरसिटी एक्सप्रेस व देहरादून-वाराणसी जनता एक्सप्रेस पर गंगा मैया की जय, गंगा मैया ने बुलाया के नारे के बीच धक्का-मुक्की कर चढ़ते नजर आए। ट्रेन में भीड़ अधिक होने से करीब तीन मिनट अतिरिक्त ठहराव के बाद रवाना हुई। ट्रेन से श्रद्धालु प्रतापगढ़ गए वहां से दूसरी ट्रेन से प्रयागराज के लिए रवाना हुए।
भैया इंटरसिटी से प्रतापगढ़ चला, फिर देखा जाई...
अमेठी सिटी। गौरीगंज रेलवे स्टेशन पर मिले पूरे मोहन गांव निवासी बुजुर्ग कल्पनाथ ने कहा कि मौनी अमावस्या पर नहीं जा पाए थे। बसंत पर कुंभ मेला जा रहे हैं। आनापुर निवासी बुजुर्ग सोनपती ने साथ में मौजूद कमलकिशोर से कहा कि पैसेंजर न आवत होय तौ भैया इंटरसिटी से प्रतापगढ़ चला, फिर आगे देखा जाई। भीड़ में शामिल अन्य महिलाओं ने सोनपती की सलाह को सही बताते हुए प्रतापगढ़ का टिकट लिया और सभी लोग इंटरसिटी से रवाना हुए। सबके मुंह पर सिर्फ एक ही बात थी गंगा माई के दर्शन करैका अहै, चाहे कुछ होय।
उच्च स्तर से निरस्त करने का लिया गया निर्णय
स्टेशन अधीक्षक प्रवीण सिंह ने बताया कि लखनऊ-प्रयागराज संगम पैसेंजर को निरस्त करने का निर्णय उच्च स्तर से लिया गया है। बताया कि ट्रेन निरस्त होने की सूचना का प्रसारण करवाया जा रहा है। यात्री ट्रेन से प्रतापगढ़ जा कर दूसरे वाहन से प्रयागराज संगम जा रहे हैं। पैसेंजर ट्रेन संचालित होती तो करीब 600 से अधिक टिकट प्रयागराज संगम के बुक होते।