फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

निराश्रित गोवंशों के संरक्षण में लापरवाही क्षम्य नहीं

विज्ञापन
विज्ञापन
गौरीगंज (अमेठी)। निराश्रित गोवंश के संरक्षण की हकीकत देखने के लिए नामित नोडल अधिकारी संयुक्त निदेशक पशुपालन ने अस्थाई गो आश्रय केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गोवंशों को सुपर्द करने में बरती जा रही लापरवाही व आश्रय केंद्र पर विद्युत कनेक्शन व व्याप्त गंदगी को लेकर जिम्मेदारों को फटकार लगाई गयी।
विज्ञापन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट निराश्रित गोवंश संरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिले में तीन कांजी हाउस, दो वृहद गो-आश्रय केंद्र के साथ 46 अस्थाई गो-आश्रय केंद्र संचालित किया जा रहा है। संचालित गो-आश्रय केंद्र में वर्तमान समय में 4,650 गोवंश संरक्षित किए गए हैं।
गो-आश्रय केंद्र के संचालन की हकीकत के साथ बरसात के मौसम में संरक्षित गोवंश के भरण-पोषण की व्यवस्था देखने के लिए नामित नोडल अधिकारी संयुक्त निदेशक पशुपालन लखनऊ डॉ. रामअचल ने मंगलवार शाम आश्रय केेंद्रों का निरीक्षण किया।
विज्ञापन

निरीक्षण के दौरान जामो के अलीपुर स्थित आश्रय केंद्र में अब तक 27 गोवंश मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत किसानों को सुपुर्द करने का मामला प्रकाश में आया तो आश्रय केंद्र पर बिजली कनेक्शन नहीं मिला और संपर्क मार्ग बदहाल मिला।
इसके अलावा बघैया कमलापुर स्थित आश्रय केंद्र पर भी बिजली कनेक्शन नहीं होने के साथ संपर्क मार्ग की परेशानी मिली। यहां भूसा भंडारण गृह की छत टपकती मिली जिससे भूसा खराब हो रहा था। यहां पर संरक्षित गोवंश को सुपुर्दगी में नहीं किया गया था।
गो-आश्रय केंद्र पर मिली कमियों पर पंचायत सचिव, पशु चिकित्साधिकारी को फटकार लगाते हुए संयुक्त निदेशक ने एसडीएम व बीडीओ को संपर्क मार्ग सही कराने, बिजली कनेक्शन तत्काल कराने के साथ ही अतिरिक्त शेड निर्माण कर अधिक से अधिक गोवंश संरक्षित करने तथा मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत किसानों को सुपर्द कर भरण-पोषण मद की धनराशि अंतरित करने को निर्देशित किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें