तिलोई तहसील के भेलाई कला गांव में पीड़ित परिजनों को साथ धरने पर बैठे साधु संत।
तिलोई (अमेठी)। ग्राम पंचायत भेलाई कलां में रायबरेली-अयोध्या राजमार्ग पर स्थित चकमार्ग को अवैध कब्जाधारकों से मुक्त कराने के मामले ने सोमवार को तूल पकड़ लिया। तहसील प्रशासन की अनसुनी से नाराज बाबूगंज सगरा के पीठाधीश्वर स्वामी मौनी महाराज पीड़ित परिवार के साथ धरने पर बैठ गए। यह जानकारी मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। तहसीलदार की मान-मनौव्वल पर करीब दो घंटे बाद धरना समाप्त हुआ।
क्षेत्र के गांव भेलाई कला निवासी राजकुमार मौर्य ने 21 अगस्त को मुख्यमंत्री के साथ ही बाबूगंज सगरा के पीठाधीश्वर स्वामी मौनी स्वामी महाराज और आलाधिकारियों को शिकायती पत्र दिया था। पत्र में लिखा था कि वह दिहाड़ी मजदूरी व खेती-बाड़ी करके अपना व परिवार का जीवन यापन कर रहा है। उसके खेत को जाने वाले रास्ते को एक व्यक्ति ने बंद कर दिया है। इससे उसकी खेती योग्य भूमि बिना जोते-बोये खाली पड़ी है। पीड़ित ने एसडीएम न्यायालय में वाद योजित किया, जिसमें रास्ता खोले जाने का आदेश हुआ। फिर भी प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद पीड़ित ने डीएम को प्रार्थना पत्र दिए। कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित राजकुमार ने 15 दिन में न्याय नहीं मिलने पर आमरण अनशन पर बैठने की चेतावनी दी थी। आरोप है कि प्रशासन ने इस मामले को भी अनसुना कर दिया। इसी बीच सोमवार को बाबूगंज सगरा के पीठाधीश्वर मौनी महाराज साधु-संतों के साथ मोहनगंज पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और धरने पर बैठ गए।
तहसीलदार अभिषेक यादव ने बताया कि चकमार्ग की भूमि पर कुछ लोगों ने कब्जा किया है। इसका वाद न्यायालय में चल रहा है। तीन माह में न्यायालय के आदेश पर चकमार्ग की भूमि को खाली करवा दिया जाएगा। इसके बाद शिकायतकर्ता को खेत तक आवागमन के लिए दो मीटर चौड़ा रास्ता मुहैया कराया जाएगा। तहसील प्रशासन के इस आश्वासन पर करीब दो घंटे बाद धरना समाप्त हुआ।