मां-बेटे की मौत के बाद अस्पताल में मौजूद गमगीन परिजन और ग्रामीण। स्रोत ग्रामीण
अमेठी। नुवावा गांव निवासी दिव्यांग दीपक विश्वकर्मा (23) और उनकी मां गीता देवी (42) की बुधवार शाम तालाब में डूबने से मौत हो गई। मवेशियों को तालाब से बाहर निकालने के दौरान गहरे पानी में फंसे बेटे को बचाने के लिए मां ने तालाब में छलांग लगा दी, लेकिन दोनों ही बाहर नहीं निकल सके। ग्रामीणों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकालकर सीएचसी अमेठी पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है, जबकि परिवार में चीख-पुकार मची हुई है।
परिजनों के अनुसार रमेश विश्वकर्मा का दिव्यांग बेटा दीपक बुधवार शाम मवेशी चराने गांव के बाहर गया था। इसी दौरान कुछ मवेशी तालाब में चले गए। उन्हें बाहर निकालने के लिए दीपक तालाब में उतरा, लेकिन गहरे पानी में पहुंचने से डूबने लगा। आसपास मौजूद लोगों के शोर मचाने पर उसकी मां गीता देवी बेटे को बचाने के लिए तालाब में कूद गईं। गहराई अधिक होने के कारण वह भी पानी में समा गईं।
ग्रामीणों ने तत्काल तालाब में खोजबीन शुरू की। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला गया और सीएचसी अमेठी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इंस्पेक्टर श्रीराम पांडेय ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मवेशियों को निकालने के दौरान दिव्यांग युवक के डूबने तथा उसे बचाने के प्रयास में मां की भी डूबकर मौत होने की बात सामने आई है। मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है।