अमेठी। सिंहपुर के सातन का पुरवा पीएचसी में रविवार को प्रसव के बाद गढ़ी अलादाद गांव निवासी गयासुद्दीन की पत्नी अमीना खातून (35) और नवजात की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि उपचार में लापरवाही और पास में मौजूद मेडिकल कॉलेज न भेजने के कारण दोनों की जान चली गई। परिवार ने प्रसव केंद्र पर संसाधनों की कमी को भी गंभीर समस्या बताया।
परिवार के सदस्य जियाउल हक ने बताया कि सुबह अमीना प्रसव पीड़ा के साथ पीएचसी लाई गई थीं। स्टाफ नर्स ने उन्हें भर्ती किया और 11 बजे प्रसव हुआ। नवजात को सांस लेने में दिक्कत और अमीना को अधिक रक्तस्राव होने के बाद भी एक घंटे तक किसी उच्च स्तरीय अस्पताल रेफर नहीं किया गया।
तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल रायबरेली भेजा गया, लेकिन रास्ते में एंबुलेंस कर्मियों ने मदद की। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। पति गयासुद्दीन मुंबई में काम करते हैं। परिजन सदमे में हैं। परिवार का कहना है कि पास में मौजूद मेडिकल कॉलेज होने के बावजूद जिला अस्पताल रेफर कर उपचार में देरी की गई।
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि उपचार में लापरवाही के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं, लेकिन मेडिकल कॉलेज न भेजने और जिला अस्पताल रेफर मामले की जांच करवाई जाएगी।
बिजनौर में गंगा बैराज के तटबंध का कटान करती गंगा। संवाद
बिजनौर में गंगा बैराज के तटबंध का कटान करती गंगा। संवाद