तिलोई। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग की ओर से नवनिर्मित स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय को 50 सीटों की एमबीबीएस पाठ्यक्रम की मान्यता मिली है। इसी सत्र से यहां नीट काउंसिलिंग के जरिए एमबीबीएस कोर्स में प्रवेश और पढ़ाई प्रारंभ हो जाएगी। मेडिकल कॉलेज शुरू होने से जनपद के अलावा सीमावर्ती जनपद के युवाओं को बेहतर सुविधा मिलेगी।
अमेठी के तिलोई कस्बे में 292 करोड़ की लागत से मेडिकल काॅलेज के निर्माण का शिलान्यास किया गया था। शासन के कड़े निर्देश पर कार्यदायी संस्था ने शिक्षण कार्य के लिए आवश्यक निर्माण कार्य इसी माह पूरा किया है और शेष निर्माण कार्य भी तेजी से हो रहा है। दो माह से मेडिकल काॅलेज प्रशासन ने एनएमसी के मानक अनुरूप तैयारियां शुरू कर दी हैं। काॅलेज परिसर में कक्षों समेत अन्य सुविधाएं पूरी कर ली गई हैं।
आचार्य, सह आचार्य, सहायक आचार्य व सीनियर और जूनियर रेजिडेंट की नियुक्त प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। इसके बाद मान्यता को आवेदन किया गया था। मेडिकल काॅलेज की प्राचार्य डॉ. रीना शर्मा ने बताया कि जुलाई में एनएमसी ने वर्चुअल मीटिंग कर विचार विमर्श किया था और उसके बाद अगस्त में निर्माण की समीक्षा के बाद एनएमसी ने मंगलवार को 50 सीटों पर प्रवेश के लिए अनुमति दे दी।
प्राचार्य ने बताया कि प्रथम वर्ष के अध्ययन-अध्यापन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रथम वर्ष की एमबीबीएस की 50 सीटों पर छात्र प्रवेश ले सकेंगे। मेडिकल कॉलेज के संचालित होने से चिकित्सकों की कमी पूरी होगी। साथ ही गंभीर रोगियों को भी उपचार की सुविधा का लाभ मिलेगा।
तिलोई मेडिकल कॉलेज से अमेठी को ऐतिहासिक सौगात
अमेठी सिटी। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति जुबिन इरानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर अमेठी को तिलोई मेडिकल कॉलेज का उपहार मिला है। चार दशकों से लंबित यह सपना पूरा होने पर क्षेत्र में उत्साह है। उन्होंने कहा कि कॉलेज से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होने के साथ ही रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। स्मृति इरानी ने बताया कि 50 सीटों वाले मेडिकल कॉलेज के साथ 200 बेड का अस्पताल और अन्य सुविधाएं अमेठी को मेडिकल हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।