अमेठी सिटी। हरियाणा के सोनीपत में विवाहिता की संदिग्ध हालात में मौत के बाद शव गौरीगंज पहुंचने पर शुक्रवार को मायके और ससुराल पक्ष में शव का अंतिम संस्कार करने को लेकर विवाद हो गया। नाराज मायके वालों ने सैंठा मार्ग पर करीब 30 मिनट तक जाम लगाया। लेकिन पुलिस के समझाने पर मान गए। मृतका के पति का कहना है कि बीमारी से मौत हुई है, जबकि मायके पक्ष के लोग हत्या का आरोप लगा रहे हैं। हालांकि अभी तक कोई तहरीर नहीं दी है। पुलिस का कहना है कि शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
गौरीगंज थाना क्षेत्र के सैंठा गांव निवासी सोनू हरियाणा के सोनीपत में काम करता था। साथ में उसकी पत्नी रोशनी (25) भी रहती थी। रोशनी की बृहस्पतिवार को सोनीपत में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। इसके बाद उसके शव को गौरीगंज लाया गया। यहां प्रतापगढ़ जिले के सांगीपुर थाना क्षेत्र के लखनापुर गांव से मृतका का भाई राजू सरोज व अन्य परिवारीजन पहुंचे। इन लोगों ने अनहोनी की आशंका से शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतका के भाई राजू ने हत्या का आरोप लगाया। बताया कि उसकी बहन के गले पर चोट के निशान थे। उसकी हत्या की गई है।
उसका आरोप है कि पोस्टमार्टम के बाद वह शव को अपने घर ले जाना चाहता था, लेकिन उसके बहनोई व उसके पक्ष के लोगों ने शव को छीन कर अंतिम संस्कार कर दिया। मायके पक्ष ने सैठा मार्ग पर करीब 30 मिनट तक जाम भी लगाया, लेकिन पुलिस ने पहुंच कर लोगों को समझाया और जाम खुलवा दिया।
इस घटना को लेकर मृतका के मायके वालों ने हत्या के आरोपों को लेकर कोई तहरीर नहीं दी है। एसएचओ श्याम नारायणन पांडेय ने बताया कि शव के अंतिम संस्कार को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। मौत का कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा।
शव को दफन करना चाहते थे मायके वाले
मृतका के भाई राजू सरोज ने बताया कि उनका पक्ष कोई विवाद नहीं चाहता था। निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहा है। बताया कि जब बहन की मौत हुई तो वह भी पंजाब में था। उसे बताया गया था कि बीमारी से बहन की मौत हुई है, लेकिन जब उसने शव देखा तो चोट व खरोंच के निशान थे। बताया कि शव गौरीगंज आने पर वह निष्पक्ष कार्रवाई व जांच चाहता था।
इसीलिए उसने पुलिस की मदद ली। पुलिस ने उल्टे उसके बहनोई का पक्ष लिया। बताया कि वह लोग शव को दफन कराना चाहते थे, लेकिन यहां के लोगों ने उन्हें धक्के मार कर शव को छीन लिया। इसके बाद शव का दाहसंस्कार करा दिया। जब उन लोगों ने प्रदर्शन किया तो पुलिस ने समझाने के साथ ही धमकी भी दी, कि जाम लगाओगे को मुकदमा लिख देंगे।