अमेठी सिटी। लू के थपेड़ों के साथ बढ़ती तपिश ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। दिन में 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचे तापमान के कारण लोग घरों से बाहर निकलने से भी हिचकने लगे हैं। शनिवार को सुबह आठ बजे से ही तीखे होते धूप के तेवर व गर्म हवा के थपेड़ों ने सड़कों से लेकर बाजारों तक में लोगों की चहल-पहल पर ब्रेक लगा दिया है। इसके चलते दोपहर में सड़कों और बाजारों में सन्नाटा पसरा दिखा। मौसम विशेषज्ञ डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ निष्क्रिय होने से मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है। फिलहाल अगले कुछ दिनों तक गर्मी और लू से राहत मिलने की संभावना नहीं है।
दोपहर डेढ़ बजे गौरीगंज के चौक बाजार में आम दिनों की चहल-पहल गायब दिखी। कई दुकानदार ग्राहक के इंतजार में बैठे रहे, जबकि जरूरतमंद लोग ही चेहरे को कपड़ों से ढककर बाजार पहुंचे। कपड़ा कारोबारी अमित गुप्ता ने बताया कि मौसम की तल्खी के कारण सुबह 11 बजे के बाद से बाजार की रौनक खत्म होने लगी है। पहले दोपहर तक अच्छी बिक्री हो जाती थी, लेकिन अब ग्राहक सुबह या शाम को ही पहुंच रहे हैं।
सराफा व्यापारी पंकज वर्मा ने कहा कि तेज धूप के कारण लोग ज्यादा देर बाजार में रुकना नहीं चाहते हैं। इलेक्ट्रॉनिक कारोबारी आरिफ खान ने बताया कि बिजली कटौती और गर्मी दोनों का असर कारोबार पर पड़ रहा है। मिठाई कारोबारी संजय हलवाई ने बताया कि गर्मी के कारण ठंडे पेय पदार्थों की मांग बढ़ गई है, जबकि अन्य सामान की बिक्री कम हो गई है। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थानों पर भी गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। खेतों और निर्माण स्थलों पर काम करने वाले मजदूर बार-बार छांव में बैठने को मजबूर दिखे।
नहरों में पानी नहीं, किसानों की बढ़ी चिंता
किसान राम किशन ने बताया कि कई दिनों से नहर में पानी नहीं आया है, जिससे खेतों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। देवेंद्र कुमार ने कहा कि बढ़ती गर्मी में समय पर पानी नहीं मिला तो फसलों को नुकसान हो सकता है।
धूप में निकलने पर बरतें सावधानी
- दोपहर 11 बजे से शाम चार बजे तक धूप में निकलने से बचें।
- नींबू पानी, छाछ, लस्सी और नारियल पानी का सेवन बढ़ाएं।
- नियमित अंतराल पर पानी अवश्य पीते रहें।
- तला-भुना और बासी भोजन खाने से बचें।
धूप में निकलते समय सिर और चेहरा ढककर रखें।
- हल्के रंग के सूती व ढीले कपड़े ही पहनें।
- चक्कर, घबराहट या कमजोरी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।