सिंहपुर। भगवान के नाम स्मरण से ही मनुष्य का कल्याण संभव है। हरिनाम का प्रभाव इतना महान है कि वह समस्त पापों का नाश कर देता है। ये बातें सेमरौता कस्बे में सुरेश अग्निहोत्री के आवास पर श्रीमद्भागवत कथा के दौरान प्रवाचक डॉ. नरेंद्र पांडेय ने कहीं।
उन्होंने कहा कि पुराण में वर्णित अजामिल की कथा मानव जीवन के पतन, पश्चाताप और ईश्वर की असीम कृपा का अत्यंत मार्मिक उदाहरण है। मृत्यु के समय अत्यंत व्याकुल होकर उसने अपने छोटे पुत्र नारायण को पुकारा। उसी क्षण भगवान विष्णु के पार्षद, विष्णुदूत प्रकट हुए। यमराज के दूत अजामिल को पापों के कारण नर्क ले जाना चाहते थे, परंतु विष्णुदूतों ने उन्हें रोक दिया।
उन्होंने कहा कि अजामिल ने भगवान का नाम लिया है, चाहे वह अज्ञानवश ही क्यों न हो, मगर हरिनाम का प्रभाव इतना महान है कि वह समस्त पापों का नाश कर देता है। प्रवाचक ने बताया कि भागवत कथा यह संदेश देती है कि भगवान का नाम स्मरण करने से मनुष्य का उद्धार संभव है।
अजामिल की कथा यह सिखाती है कि ईश्वर की कृपा अपार है। चाहे मनुष्य कितना भी पतित क्यों न हो, यदि वह सच्चे हृदय से भगवान का स्मरण करे तो उसका कल्याण निश्चित है। इस दौरान मुख्य यजमान सुरेश अग्निहोत्री व मनोज अग्निहोत्री, राकेश त्रिपाठी, चंद्रमणि पाण्डेय, बैजू, राम कुबेर बाजपेयी, संतोष दीक्षित, संतोष मिश्र, राजू बाजपेयी, सुशील, संजू, शालिनी, रेनू, मीना आदि मौजूद रहे।