बाजार शुकुल के ब्रह्मचारी कुटी गांव में श्रीमद् भागवत कथा सुनते श्रद्धालु।-स्रोत : आयोजक
बाजारशुकुल (अमेठी)। भगवान की भक्ति के बिना मनुष्य का जीवन व्यर्थ है। आज के समय में मनुष्य भक्ति के मार्ग को छोड़कर लोभ- लालच की ओर बढ़ता जा रहा है। मनुष्य को थोड़ा समय निकालकर भगवान की भक्ति अवश्य करनी चाहिए। ये बातें क्षेत्र के ब्रह्मचारी कुटी गांव में चल रही भागवत कथा के पांचवें दिन मंगलवार को प्रवाचक आचार्य संतोष महाराज ने कृष्ण जन्मोत्सव प्रसंग की कथा सुनाते हुए कहीं।
प्रवाचक ने कहा कि मनुष्य के पास सभी सांसारिक सुख साधन हों, मगर भक्ति भावना न हो तो उसका जीवन निरर्थक रहता है। जिस प्रकार स्त्री बिना आभूषण के सुंदर नहीं दिखती, उसी प्रकार बिना भक्ति के मानव जीवन बेकार है। कहा कि भगवान धरती पर भक्तों की रक्षा करने के लिए आते हैं। मनुष्य का जीवन समस्याओं का घर है।
मोह-माया के जाल में फंसकर मनुष्य सांसारिक चिंताओं से घिरा रहता है। सच्ची श्रद्धा और भाव से भगवान की भक्ति सभी मोह-माया और चिंताओं के नाश का कारण बनता है। इस अवसर पर अरविंद मिश्रा, रोहिणी मिश्रा, अश्वनी मिश्रा, आशीष मिश्रा, संध्या मिश्रा, केडी मिश्रा आदि मौजूद रहे।