अमेठी। सशक्त नेतृत्व और समर्पण से किसी भी विद्यालय का भविष्य संवारा जा सकता है। प्राथमिक विद्यालय जाफरगंज की प्रधानाध्यापक मंजूबेन पांडेय ने इस बात को अपने कार्यों से सिद्ध किया है। उनके मार्गदर्शन में विद्यालय अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रतीक बन गया है। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से आत्मविश्वास और नेतृत्व की भावना विकसित की जा रही है।
हर सुबह विद्यालय की प्रार्थना सभा बच्चों में अनुशासन और ऊर्जा का संचार करती है। बच्चे नियमित योग और पीटी करते हैं। अखबार पढ़ने की आदत उनमें डाली जा रही है। प्रधानाध्यापक का मानना है कि शिक्षा तभी सार्थक है जब वह व्यवहार और चरित्र में परिवर्तन लाए। इसी सोच ने विद्यालय को नई पहचान दी है। विद्यालय में 205 बच्चे नामांकित हैं जो नियमित रूप से उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं।
आसपास कई निजी विद्यालय होने के बावजूद जाफरगंज विद्यालय में बच्चों की संख्या उल्लेखनीय है। यह अभिभावकों के विश्वास और विद्यालय की गुणवत्ता का परिणाम है। प्रधानाध्यापक व उनकी टीम ने अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा के महत्व से अवगत कराया और उन्हें विद्यालय से जोड़ने में सफलता पाई। विद्यालय परिसर स्वच्छ और हरा भरा है।
खेल सामग्री, पुस्तकालय और स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाएं बच्चों के सीखने की प्रक्रिया को आनंददायक बना रही हैं। राष्ट्रीय पर्व और विशेष दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाए जाते हैं, जिससे बच्चों में एकता, सामाजिकता और जागरूकता बढ़ रही है। प्रधानाध्यापिका मंजूबेन पांडेय के प्रयास से विद्यालय की साख बढ़ी है। उनका प्रयास है कि हर बच्चा आत्मविश्वासी, अनुशासित और जिम्मेदार नागरिक बने।
मनोयोग से पढ़ा रहे शिक्षक
प्रधानाध्यापक मंजूबेन पांडेय के साथ सहायक अध्यापक रश्मि वर्मा, जितेंद्र कुमार, रश्मि शर्मा और शिक्षामित्र संतोष कुमार वैश्य व नीलम शुक्ला पूरा स्टाफ मिलकर आधुनिक शिक्षण विधियों से बच्चों का सर्वांगीण विकास कर रहा है। गणित में जितेंद्र कुमार ने बच्चों की रुचि बढ़ाई है, जबकि अंग्रेजी में रश्मि वर्मा बच्चों की प्रतिभा निखार रही हैं।