जामों (अमेठी)। क्षेत्र के सूखीबाजगढ़ के पूरे सिंह मिश्र गांव में शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन प्रवाचक पं. पंकज कृष्ण शास्त्री महाराज ने कहा कि आत्मा और परमात्मा का अटूट संबंध है।
प्रवाचक ने राजा परीक्षित, शुकदेव जन्म, ध्रुव चरित्र, पार्वती-शिव विवाह प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि बगैर बुलावा के किसी भी रिश्तेदार के घर नहीं जाना चाहिए। चाहे वह पिता का घर क्यों ही न हो। राजा दक्ष ने अपने यहां यज्ञ में भगवान शिव को आमंत्रित नहीं किया था। माता सती भगवान शिव के मना करने के बावजूद पिता के यहां यज्ञ में शामिल होने चली गईं।
वहां भगवान शिव का अपमान देख माता सती ने अपने काे यज्ञ कुंड में भस्म कर लिया। प्रवाचक ने बताया कि मद में चूर दक्ष प्रजापति को भी प्रतिफल भोगना पड़ा। मनुष्य को घमंड नहीं करना चाहिए। इसी से सारे दुख आ जाते हैं। इस दौरान अशोक मिश्र, मानमती मिश्र आदि मौजूद रहे।