गौरीगंज (अमेठी)। एंटीजन रिपोर्ट में पॉजिटिव आने तथा एल-2 अस्पताल में मौत के बाद रिपोर्ट निगेटिव दर्शाने का मामला अब देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट के साथ ही प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है। पीड़ित की शिकायत पर शासन द्वारा रिपोर्ट मांगने पर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। सीएमओ ने कोविड के नोडल अफसर तथा जिला अस्पताल के सीएमएस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
गौरीगंज तहसील क्षेत्र के किटियावां शाहगढ़ निवासी राम कुमार मिश्र की पत्नी मीरा देवी (55) की कोविड संक्रमित होने के चलते तीन मई 2021 को मौत हो गई थी। मृतक मीरा के पति रामकुमार के अनुसार पत्नी की तबीयत खराब होने पर वे तीन मई 2021 को इलाज के लिए संयुक्त जिला अस्पताल असैदापुर आए। यहां एंटीजन जांच हुई तो वे पॉजिटिव मिलीं। इनके अनुसार उसी दिन मीरा की मौत हो गई।
इसके बाद शासन से मृतक परिवार को सहायता राशि देने की सूचना मिलने पर राम कुमार ने 22 नवंबर को डीएम के यहां आवेदन पत्र दिया। आवेदन के बाद क्षेत्रीय लेखपाल, काननूगो व तहसीलदार द्वारा रिपोर्ट लगाकर सहायता राशि देने की स्वीकृति भी कर दी गई। इसके बाद डीएम कार्यालय से कोविड पॉजिटिव रिपोर्ट के सत्यापन के लिए सीएमओ को भेजा गया। आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा मीरा की अस्पताल में रजिस्ट्रेशन तिथि चार मई तथा लैब रिपोर्ट सात मई की दिखाकर गलत तरीके से एंटीजन रिपोर्ट निगेटिव दिखाकर आवेदन निरस्त कर दिया गया।
पीड़ित ने आरोप लगाया है कि एंटीजन जांच के लिए सैंपल भेजा ही नहीं जाता है, जबकि उनके पास जिला अस्पताल से बने पर्चे पर तीन मई को एंटीजन रिपोर्ट पॉजिटिव दी गई है। सहायता राशि से वंचित करने के लिए झूठी रिपोर्ट लगा दी गई। जिला स्तर पर सुनवाई नहीं होने से परेशान पीड़ित राम कुमार सुप्रीम कोर्ट में कोविड-19 की सुनवाई वाली पीठ के न्यायाधीश, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री योगी आत्यिनाथ के साथ ही डीएम अमेठी को 22 मार्च को शिकायती पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराते हुए सहायता राशि दिलाने की मांग की है।
साथ ही जालसाजी करने वाले स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है। शिकायती पत्र के आधार पर शासन से रिपोर्ट तलब की गई है। शासन का पत्र मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। सीएमओ डॉ. सीमा मेहरा ने कहा कि प्रकरण की विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की गई है। कहा कि जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल तथा कोविड के नोडल अफसर एसीएमओ डॉ. राम प्रसाद को जांच सौंपते हुए रिपोर्ट मांगी गई है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर दोषी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करते हुए पीड़ित को सहायता राशि दिलाई जाएगी।