सिंहपुर। सेमरौता कस्बे में पूर्व प्रधानाचार्य पंडित कृष्ण नारायण शुक्ल की स्मृति में शुक्रवार रात आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने ओज, भक्ति, हास्य और समसामयिक विषयों पर आधारित रचनाएं सुनाईं। कार्यक्रम की अध्यक्षता माता प्रसाद अवस्थी ने की, जबकि संचालन राष्ट्रपति से सम्मानित कवि रामेश्वर प्रसाद द्विवेदी प्रलयंकर ने किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ समीर शुक्ल ने वाणी वंदना से किया। इसके बाद कवि कमल आग्नेय ने अपनी रचना के माध्यम से एकता का संदेश दिया। संचालन कर रहे प्रलयंकर ने अपनी भक्ति रस से ओतप्रोत रचनाओं से माहौल को भक्तिमय बना दिया। अमेठी के कमई से आए ओज के कवि राजकिशोर सिंह किशोर ने देशभक्ति से भरपूर पंक्तियां सुनाकर जोश भरा।
जितेंद्र मिश्र यायावर ने अपनी चर्चित पंक्तियों रोटियां पूछती हम रहें किस तरफ, धर्म का भूख से फासला आजकल, कुर्सियां हंस रहीं मंच के बीच में, आदमी बन गया मसखरा आजकल के माध्यम से वर्तमान सामाजिक व राजनीतिक परिस्थितियों पर तीखा व्यंग्य किया, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। हास्य कवि समीर शुक्ल, वेदप्रकाश सिंह प्रकाश, सुशील चंद्र पांडेय, भोला पागल और बाराबंकी से आए दुष्यंत शुक्ल सिंहनादी ने भी अपनी रचनाओं से कार्यक्रम में रंग भर दिया।
इस अवसर पर शिक्षक नेता धीरेंद्र प्रताप सिंह, कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष परमानंद मिश्र, प्रधान देवीशरण बाजपेयी, कमलेश अग्निहोत्री, कर्ण बाजपेयी, श्रीकांत पांडेय, राजाराम अवस्थी, संतोष मिश्र, अधिवक्ता घनश्याम तिवारी, अरविंद पांडेय, बृजेश सिंह, संतोष जायसवाल आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में आयोजक विनोद शुक्ल ने सभी अतिथियों और श्रोताओं के प्रति आभार जताया।