अमेठी सिटी। पुलिस ने जगदीशपुर थाना क्षेत्र में ग्राहक सेवा केंद्र संचालक से हुई लूट और जानलेवा हमले के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी को शनिवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से लूट का एक लाख 70 हजार रुपये, घटना में प्रयुक्त चाकू और गमछा बरामद बरामद हुआ। एसपी ने शनिवार को मामले का खुलासा किया।
जामो थाने के पूरे पराग पांडेय डीघा गोपालपुर निवासी सर्वेश कुमार शुक्ला ग्राहक सेवा केंद्र का संचालन करते हैं। पिछली 22 जुलाई को वह कार से कुछ लोगों के साथ बैंक से रुपये निकाल कर आ रहे थे। वे जगदीशपुर जायस मार्ग पर महमूदपुर के पास पहुंचे थे कि कार सवार लोगों ने चाकुओं से हमला कर 3.80 लाख रुपये लूट लिए थे। बदमाश उन्हें घायल हालत में सड़क के किनारे फेंक कर फरार हो गए थे।
पुलिस ने उनके एक परिचित अनिल मिश्रा सहित दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जांच के दौरान पुलिस ने 25 जून को एक बाल अपचारी के साथ जगदीशपुर थाने के पूरे दुंदा गांव निवासी देवराज व सुल्तानपुर के करौंदीकलां थाने के पटना पवारा गांव निवासी शुभम मिश्र को गिरफ्तार किया था। इनके पास से पुलिस ने लूटी गई रकम में से 1.42 लाख रुपये, एक स्मार्ट वाॅच, ब्लू टुथ, मोबाइल, इयर फोन, घटना में प्रयुक्त कार व फरार होने में इस्तेमाल होने वाली अन्य कार, एक बाइक बरामद की थी।
मुख्य आरोपी अनिल मिश्रा फरार था। शनिवार को जगदीशपुर एसएचओ धीरेंद्र यादव व स्वाट टीम प्रभारी अनूप सिंह ने लखनऊ-वाराणसी हाईवे स्थित जायस मोड़ के पास मुख्य आरोपी थाना क्षेत्र के पूरे लबड़ी मजरे शेषपुर निवासी अनिल मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने लूटे गए 1.70 लाख रुपये के साथ घटना में प्रयुक्त चाकू व खून से सना गमछा भी बरामद किया। एसपी अनूप सिंह ने घटना का खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की। एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी का चालान कोर्ट भेज दिया गया है।
पैसा देखकर डोल गई नीयत
अनिल मिश्र ने पुलिस को बताया कि वह अधिकतर समय सर्वेश कुमार शुक्ल के साथ ही रहता था। उसे इस बात की जानकारी थी कि सर्वेश हमेशा बैंक से पैसा निकालने जाते हैं। पैसे देखकर उसकी नीयत खराब हो गई थी। उसने सर्वेश की हत्या कर रुपये लूटने की योजना बनाई। कार में पहले से मौजूद बाल अपचारी ने योजना के मुताबिक घर पहुंचने से पहले महमदपुर गांव के पास सर्वेश का गमछे से गला कसा और उस पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। उसके बाद रुपये लूट कर सर्वेश को गंभीर हालात में सड़क किनारे फेंककर फरार हो गए।