अमेठी सिटी/कमरौली। जिला मुख्यालय गौरीगंज में बृहस्पतिवार को छह घंटे लो वोल्टेज के चलते 50 हजार लोगों को बिजली संकट झेलना पड़ा। दोपहर बाद आपूर्ति बहाल हुई, जिसके बाद लोगों को राहत मिली। महोना उपकेंद्र के पूरे बादल सहित करीब 50 गांवों में बिजली संकट से लोग परेशान रहे।
शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में बिजली की आवाजाही संग लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। इसके चलते उमस भरी गर्मी में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऊर्जा निगम का जिला मुख्यालय पर 24 घंटे व ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा फेल नजर आ रहा है। रोस्टर पूरी तरह ध्वस्त है। जिला मुख्यालय गौरीगंज के तहसील फीडर पर बृहस्पतिवार भोर से लो वोल्टेज की समस्या रही। इससे उपभोक्ताओं के पंखा, फ्रीज, कूलर, एसी व सबमर्सिबल आदि नहीं चल पा रहे थे। वहीं ऑफिसों में कामकाज प्रभावित रहा। करीब 12 बजे के बाद सूचना पर पहुंचे कर्मियों ने लाइन की मरम्मत कर लो वोल्टेज की समस्या दूर की। जेई ऋषि ने बताया कि ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी के कारण लो वोल्टेज की समस्या हो गई थी, जिसे सही करा दिया गया है।
वहीं, महोना विद्युत उपकेंद्र के पूरे बादल मजरे रसूलपुर गांव में हाईटेंशन लाइन का खंभा क्षतिग्रस्त हो गया है। ऐसे में गांव की आपूर्ति 24 घंटे से बंद होने के 250 से अधिक लोगों को परेशानी हुई। गांव निवासी अंसार अहमद, मन्नान, जुनैद आदि ने बताया कि पूरे गांव में बिजली ठप है। तार लटके हैं। सूचना के बाद भी अब तक लाइन की मरम्मत नहीं की गई।
अमेठी विद्युत उपकेंद्र के फीडर नंबर दो की आपूर्ति एक से करीब दो घंटे तक बाधित रही। वहीं, दूबेपुर गांव में एलटी लाइन पर पेड़ गिरने से गांव की आपूर्ति बंद हो गई। पीठीपुर उपकेंद्र के कोरारी फीडर के दया का पुरवा में हाईटेंशन लाइन का तार टूटने से दो घंटे तक कई गांवों की आपूर्ति बाधित रही। बारिश के बाद कर्मियों ने आपूर्ति बहाल कराई। जेई रवि कुमार ने बताया कि लाइन की मरम्मत कराकर आपूर्ति बहाल करा दी गई है।