गौरीगंज (अमेठी)। कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के लिए घोषित लॉकडाउन फेज-2 में सोमवार को शासन के निर्देश कुछ छूट दी गई। हालांकि छूट पर संशय होने के बावजूद सड़कों पर चहल-पहल रही तो सरकारी कार्यालय खुलने के बावजूद वहां अवकाश जैसा माहौल दिखा। कार्यालय पहुंचे कर्मी अपना काम निपटाने में जुटे रहे तो फरियादियों की संख्या कार्यालयों में शून्य रही। छूट पर संशय के कारण आवश्यक सामग्री की दुकानों को छोड़ कर सभी दुकान/ प्रतिष्ठान बंद होने से बाहर निकले लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
कोविड-19 महामारी से लोगों को सुरक्षित करने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार के निर्देश पर 25 मार्च से लॉकडाउन घोषित किया गया था। जिले में एक भी कोरोना संक्रमित नहीं मिलने के बाद शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने लॉकडाउन नियमों में कुछ छूट सोमवार से प्रदान की है।
छूट मिलने की बात सार्वजनिक होने के बाद जिला मुख्यालय समेत तकरीब सभी बाजारों में चहलपहल दिखी। हालांकि लॉकडाउन में किस-किस पर छूट है इसका प्रचार-प्रसार नहीं होने से आवश्यक वस्तुओं से जुड़े प्रतिष्ठान (किराना, मेडिकल, सब्जी व फल जिन्हें पूर्व से अनुमति है) की दुकान आम दिनों की तरह तो खुली रहीं लेकिन कृषि यंत्र मरम्मत, बिक्री समेत अन्य दुकान बंद होने से बाहर निकले लोगों को निराश होकर बैरंग लौटना पड़ा।
जिले के सभी सरकारी कार्यालय सोमवार को खुले तो लेकिन सिर्फ नियमों के अनुसार 33 प्रतिशत ही कर्मियों को रोस्टर के अनुसार बुलाने से कार्यालयों में अवकाश जैसा माहौल दिखा तो फरियादियों की संख्या शून्य रही। सड़कों पर आवागमन होने से पुलिस कर्मी लोगों को समझाते हुए सोशल डिस्टेंसिंग नियमों का पालन कराने की कोशिश में पूरे दिन परेशान दिखे।
इन्हें मिली लॉकडाउन में छूट
डीएम अरुण कुमार ने बताया कि लॉकडाउन फेज-2 में शासन के निर्देश पर जिले में फ्लोर मील, राइस मील, ऑयल मील, दाल मील, दुग्ध उत्पादन एवं वितरण, सब्जी, फल, चिन्हित थोक/फुटकर किराना व मेडिकल स्टोर, प्रिंट/इलेक्ट्रानिक मीडिया, बेकरी, ऑनलाइन शापगिं, बी-मार्ट (किराना हेतु), कृषि उत्पादन एवं उससे जुड़े उद्योग, बैंकिंग सुविधा, पेट्रोल पंप, एलपीजी गैस आपूर्ति, बड़े निर्माण कार्य यथा एक्सप्रेस-वे, हाईवे निर्माण (सोशल डिस्टेंसिंग पालन की शर्त के साथ), टोल प्लाजा, हाईवे पर ट्रक रिपेयरिंग दुकान, मनरेगा योजना, मालवाहक यातायात, ग्रामीण क्षेत्र में जन सेवा केंद्र, निजी सुरक्षा सेवा, खनन, ईट-भट्टा, मास्क उत्पादन इकाई, पैकेजिंग इकाई, सैनिटाइजर उत्पादन इकाई तथा समाचार पत्र की आपूर्ति से जुड़े वाहन को छूट दी गई है।
इसके अतिरिक्त आवश्यक सेवा से जुड़े लोगों को आवागमन हेतु बाइक पर सिर्फ एक तो चार पहिया वाहनों पर दो व्यक्ति तथा कार्यालय में क व ख वर्ग को छोड़ कर 33 प्रतिशत कर्मचारी कार्यालय में मौजूद रहेंगेे। डीएम ने बताया कि लॉकडाउन नियम के तहत धार्मिक व शिक्षण संस्थान पूरी तरह बंद रहेंगे।
पूरी है तैयारी : डीएम
डीएम अरुण कुमार ने कहा कि लॉकडाउन में सहूलियत दिए जाने से पूर्व ही शासन से जारी एडवाइजरी के अनुरूप तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका था। कहा कि जिला व तहसील स्तरीय अफसरों को छूट के दायरे में आने वाली इकाईयों के बारे में ब्रीफ किया जा चुका है। कहा कि कार्यालयों में कर्मचारी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कार्य संपादित कर रहे हैं। अनावश्यक रूप से बाहर निकलने पर पूरी तरह पाबंदी है।